12 साल पुरानी स्कूल बसें नहीं चलेंगी
बच्चों की सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, स्कूलों के लिए नई गाइडलाइंस जारी
जबलपुर।
हाईकोर्ट ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गाइड लाइन जारी की है। जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की डिवीजन बेंच ने आदेश जारी कर कहा कि स्कूलों में अब 12 साल पुरानी बसें नहीं चलाई जा सकेंगी। ऑटो रिक्शा भी तीन बच्चों को ही स्कूल ले जाए । बसों में स्पीड गर्वनर, जीपीएस और सीसीटीवी अनिवार्य रूप से लगवाएं। जिससे पेरेंट्स मोबाइल पर हर बस की स्थिति देख सकें। स्कूल बसों का रंग पीला रखें, ‘स्कूल बस’ या ‘ऑन स्कूल ड्यूटी’ लिखा होना चाहिए। इमरजेंसी डोर राइट साइड में हो, बस सीट के नीचे बैग रखने की जगह हो।खिड़कियों पर ग्रिल लगी हो, पर्दे और फिल्म नहीं होनी चाहिए। ड्राइवर पांच साल का अनुभवी हो और परमानेंट लाइसेंस धारक हो। स्कूल के वाहन प्रभारी का नाम, पता और टेलीफोन, मोबाइल नंबर की पट्टिका लगी हो। हर संस्थान एक शिक्षक की नियुक्ति करें जो अंतिम स्टॉपेज तक बच्चों के साथ जाए। इन नियमों को उल्लंघन होने पर कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी।