जीएनएम कोर्स के लिए बायोलॉजी की पढ़ाई अनिवार्य!
अब नियमों में उलझी नर्सिंग की पढ़ाई,कॉलेज संचालकों ने केंद्रीय मंत्री को सौंपा ज्ञापन, 18 हजार से ज्यादा सीटें खाली
जीएनएम कोर्स के लिए बायोलॉजी की पढ़ाई अनिवार्य!
अब नियमों में उलझी नर्सिंग की पढ़ाई,कॉलेज संचालकों ने केंद्रीय मंत्री को सौंपा ज्ञापन, 18 हजार से ज्यादा सीटें खाली
जबलपुर। नर्सिंग में अपना कैरियर बनाने वाले छात्रों के लिए सबसे ज्यादा निराशाजनक दौर चल रहा है। पहले कानूनी दांव-पेंच में फंसी नर्सिंग की पढ़ाई और नियमों को लेकर चर्चा में हैं। मप्र नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिलिंग(एमपीपीएनआरसी) ने सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग प्रक्रिया अपनाई,जिससे प्रवेश लेने के इच्छुक छात्रों को नुकसान हुआ। काउंसिलिंग ने तय कर दिया है कि जीएनएम करने वाले आवेदकों के लिए बायोलॉजी की पढ़ाई अनिवार्य है। इन सब विसंगतियों के कारण प्रदेश की 21 हजार 7 सौ 62 सीटों में से 18 हजार 78 सीटें रिक्त रह गयी हैं।
-पर्याप्त समय नहीं मिला
छात्रों की शिकायत ये भी कि उन्हें रजिस्ट्रेशन के लिए कम समय दिया गया और इसके लिए एमपी ऑनलाइन का विकल्प रखा,इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े आवेदक
रजिस्टे्रेशन नहीं कर सके। एक तरफ नियम है कि इंडियन नर्सिंग काउंसिल की मैन्यअल्स नहीं बदले जा सकते,लेकिन प्रदेश स्तर पर इन्हें बदला गया। बीते दो साल से ठप पड़ी नॢसंग की पढ़ाई इस बार भी बेहतर नहीं होगी, ये लगभग स्पष्ट हो चुका है।
-केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री से लगाई गुहार
काउंसिलि की मनमानी से त्रस्त प्रदेश के निजी कॉलेज संचालकों ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को ज्ञापन सौंपकर गुहार लगाई है कि काउंसिल की मनमानी पर रोक लगाकर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ पर रोक लगाएं। ज्ञापन में जनप्रतिनिधियों के हस्ताक्षर भी हैं।
-वर्जन
-छात्रहित के साथ अन्याय
काउंसिल ने नियमों में बदलाव कर छात्र हित के साथ खिलवाड़ किया है। हमने केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
संदीप सिंह, संचालक, इंदिरा गांधी नर्सिंग कॉलेज