महाशिवरात्रि पर कांवड़िए करेंगे नर्मदा जल से जागेश्वर महादेव का जलाभिषेक!

पैदल यात्रा कर महाशिवरात्रि के दिन पहुंचेंगे बांदकपुर

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जबलपुर।  दमोह के बांदकपुर स्थित जागेश्वर महादेव के मंदिर में महाशिवरात्रि के मौके पर 26 फरवरी को जलाभिषेक करने के लिए एक हजार कांवड़िए शुक्रवार को नर्मदा जल लेकर ग्वारीघाट से रवाना हुए।
जागेश्वर मंदिर में सवा लाख कावंड़ नर्मदा जल चढ़ाया जाता है। मान्यता है कि सवा लाख कांवड़ पूरे होते ही मंदिर में लगे भोलेनाथ और पार्वती के ध्वज विवाह सम्पन्न होने के प्रतीक स्वरूप झुककर मिल जाते हैं। इसी मान्यता के तहत बांदकपुर और आसपास के गांवों के कांवड़िए ग्वारीघाट से नर्मदा जल लेने आए थे।

महिलाएं व बच्चे भी शामिल-कावंड़ियों का दल गुरुबार रात जबलपुर पहुंचा। रात्रि विश्राम के बाद शुक्रवार सुबह ग्वारीघाट से शिवपुत्री नर्मदा का जल लेकर दल शहर से रवाना हुआ। वे पैदल यात्रा कर महाशिवरात्रि के दिन बांदकपुर पहुंचेंगे। कांवड़ियों के दल में युवाओं के साथ बच्चे, बुजुर्ग व महिलाएं शामिल हैं।


कावड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि यह यात्रा हर वर्ष निकाली जाती है और इस यात्रा का यह 11 वा वर्ष हैं। उनका कहना था कि वे हर दिन 25-30 किमी चलते हैं। बांदकपुर यहां से 125 किमी दूर है। पांचवें दिन अर्थात 26 फरवरी की सुबह वे बांदकपुर पहुंच जाएंगे।
दल में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि मान्यतानुसार महाशिवरात्रि पर बांदकपुर स्थित भोलेनाथ के मंदिर में शिव-पार्वती विवाह होता है। यह विवाह तभी सम्पन्न माना जाता है, जब शिवजी को लाख कांवड नर्मदा जल अर्पित कर उनका अभिषेक किया जाए। सवा लाख कांवड़ पूरा करने के लिए दमोह, बांदकपुर व आसपास के गांवों के निवासी वर्षों से नर्मदा के विभिन्न शहरों के तटों से महाशिवरात्रि पर कांवड़ में नर्मदा जल भरकर लाते हैं।

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