जबलपुर। स्वच्छता में जबलपुर इस बार प्रथम पायदान पर पहुॅंचने निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव के मार्गदर्शन में नगर निगम द्वारा बड़े पैमाने पर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रयासों के अंतर्गत स्वच्छता टीम के सदस्यों द्वारा शहरभर में घर-घर दस्तक देकर स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है और शासन द्वारा निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप शहर भर में स्वच्छता के कार्यो को भी जमीनी धरातल पर कराया जा रहा है। इसके साथ-साथ सिटी ब्यूटीफिकेशन के लिए भी पेंटिंग, वॉल राईटिंग, पौधरोपण, कबर्ड जाली का निर्माण, दोनो पालियों में बेहतर सफाई के साथ-साथ रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था और घर-घर से कचरा प्रबंधन के कार्य भी व्यवस्थित तरीके से लगातार कराये जा रहे हैं।
इसके अलावा स्वच्छता मापदण्डों के तहत् शहर में गार्बेज ट्रांसफर स्टेशनों के साथ-साथ शहर की सफाई व्यवस्था में व्यापक सुधार लाने कई प्रकार के प्लांटों की स्थापना कर बेहतर संचालन से शहर की सफाई व्यवस्था एवं स्वच्छता अभियान में बहुत तेजी आई है। इस वर्ष जबलपुर स्वच्छता प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने को टारगेट करते हुए जमीनी धरातल पर कार्य कर रहा है।
निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण का दल कभी भी शहर में आ सकता है, लेकिन इसके लिए सिटीजन फीडबैक भी बेहद जरूरी है। मंत्रालय ने फीडबैक देने के लिए क्यूआर कोड जारी कर दिया है। शहर में इन दिनों इसको लेकर जागरुकता अभियान भी चलाया जा रहा है। एनजीओ के कर्मचारी आमजन को फीडबैक देने के लिए जागरूक कर रहे हैं। वे लिंक और क्यूआर कोड भी दे रहे हैं। इस फीडबैक के लिए मोबाइल पर एक ओटीपी भी आता है। इस कारण आमजन इस प्रक्रिया में हिस्सा लेने से बच रहे हैं। कई लोग इसे ठगी का जरिया मानकर फीडबैक देने से बचते हैं, लेकिन शहरहित के लिए सिटीजन फीडबैक बेहद अहम है। शहरवासी सरकारी विभागों के ऑफिशियल पेज से जुड़कर क्यूआर कोड स्कैन कर भी फीडबैक दे सकते हैं। फीडबैक देने में भी जबलपुर का बाकी शहरों से मुकाबला होगा।
फीडबैक के सवालों का जवाब विकल्प के रूप में मौजूद
निगमायुक्त श्रीमती यादव ने बताया कि शहरवासी अपना नंबर दर्ज कर फीडबैक दे सकते हैं। इसके लिए फीडबैक देने से पहले एक ओटीपी मोबाइल पर आएगा पूरा फीडबैक सबमिट होने के बाद ही ओटीपी सबमिट करना है। फीडबैक के सवालों का जवाब विकल्प के रूप में मौजूद रहता है।
आपको इन 10 सवालों के देने होंगे जवाब
1. क्या कोई व्यक्ति प्रतिदिन आपके घर/दुकान से कचरा उठाने आता है?
2. आप अपने आवासीय क्षेत्र की सफाई को और नियमित झाडू लगाने के मामले में किस प्रकार रेट करेंगे?
3. आप अपने क्षेत्र के आसपास कितनी बार कितनी जगह कचरे के ढेर देखते हैं?
4. क्या आपके घर में कम से कम सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग किया जाता है?
5. क्या कचरा संग्रहणकर्ता कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में रखकरवाहन में लोड करता है या सभी को एक साथ मिला दिया जाता है?
6. आपको क्या लगता है कि स्थानीय अधिकारी सार्वजनिक स्थानों जैसे बाजारों, पार्कों, उद्यानों या अन्य क्षेत्रों में स्वच्छ बनाने में कितने प्रभावी हैं?
7. क्या आप कचरा प्रबंधन के लिए रिड्यूस, रीयूज, रीसाइकिल केंद्रों के बारे में जानते हैं?
8. क्या आप जानते हैं कि निकायों में सीवर और सेप्टिक टैंकों की सफाई के लिए केवल लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटरों को ही काम पर रखने की अनुमति है?
9. आप अपने क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालयों की सफाई और रखरखाव से कितने संतुष्ट हैं?
10. क्या आपने कभी स्थानीय निकाय को सफाई से संबंधित किसी समस्या (जैसे – कचरे का ढेर, कूड़ेदानों का ओवरफ्लो होना, सफाई का अभाव) की रिपोर्ट की है, और इसका समाधान कैसे किया गया था?