जबलपुर। पनागर थाने के बम्हौरी गांव के रहने वाले संतोष तिवारी ने पुलिस महानिरीक्षक(आईजी) को सौंपी शिकायत में कहा कि जिन लोगों की प्रताड़ना से तंग आकर उनके बेटे गणेश तिवारी ने खुदकशी है, पुलिस सारे सबूत होने के बाद भी उन लोगों पर कार्रवाई नहीं कर रही,क्योंकि वे भाजपा के नेता हैं। पिता के अनुसार,पुलिस और सिहोरा तहसीलदार शशांक दुबे की जांच में सारे तथ्य सामने आ चुके हैं। सीडीआर(कॉल डिटेल रिपोर्ट) से भी कई बातें सामने आ चुकी हैं। आईजी से इंसाफ की गुहार लगाते हुये बेटे की मौत के जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की गयी हैै।
-धान की घटी,लाखों की वसूली और फिर मरने की नौबत
शिकायत के अनुसार, संतोष तिवारी का पुत्र गणेश तिवारी गांधीग्राम सोसाइटी में कंप्यूटर आपरेटर के पद में पदस्थ था। बहिन की शादी के लिए उसे काम से अवकाश लिया था,लेकिन जब वो काम पर लौटा तो गांधीग्राम समिति के अध्यक्ष एवं भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष राजमणि सिंह बघेल, कंप्यूटर ऑपरेटर प्रिंस उपाध्याय और अर्नवी वेयर हाउस के मालिक आशु सोनी ने गणेश को धान की घटी का जिम्मेदार ठहराया और उससे करीब 30 लाख वसूल लिये। इसके कुछ दिन बाद इन तीनों ने फिर से गणेश को तीन हजार बोरी की घटी की वसूली के लिए रकम देने के लिए प्रताड़ित करना शुरु कर दिया। प्रताड़ना से तंग आकर गणेश ने 21 फरवरी को जहर खाकर अपनी जान दे दी। आरोप है कि तीनों ने गणेश का आईडी पासवर्ड छीना और उसकी आईडी से ही धान खरीदी के फर्जी आंकड़े दर्ज किए। शिकायत के अनुसार,करीब एक महीने के बाद भी अब तक आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।