सपना नंबर वन का, हकीकत रुलाने वाली!

स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों में भारी कोताही, कई इलाकों में बजबजा रही नालियां

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जबलपुर। नगर निगम के अमले ने एक बार फिर से शहर को सपना दिखाया है कि जबलपुर इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर वन बनेगा,लेकिन अमले की तैयारियां इस दावे से जरा भी मेल नहीं खा रही हैं।कॉलोनियों में नालियां बजबजा रही हैं और कचरे के ढेर लोगों का घरों में रहना मुश्किल कर रहे हैं,लेकिन नगर निगम का अमला खुद को शाबासियां दे रहा हैं। शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण कभी भी शुरू हो सकता है। जमीनी अमला आला अधिकारियों की आंखों में धूल झौंक रहा है,लेकिन अफसरों को भी अपने केबिनों से निकलकर सच्चाई देखनी चाहिए।

-कचरा गाड़ी, कभी आती है, कभी नहीं
शताब्दीपुरम से यादव कॉलोनी की तरफ जाने वाली सड़कों पर पलाश रेजिडेंसी और शहनाई गार्डन के आसपास सड़कों पर ही गंदगी के ढेर लगे नजर आ रहे हैं। सवाल यह उठता है कि ऐसे में कैसे हम अपने शहर को नंबर वन का तमगा दिला पाएंगे। इस तरह के दृश्य शहर के अंदर भी देखे जा सकते हैं और कई अन्य क्षेत्रों में भी। और यह सब अगर स्वछता टीम को दिखाएंगे तो निगम की मेहनत पानी में फिर जाएगी। नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की बड़ी फौज होने के बाद भी कई क्षेत्रों में अभी भी कचरा ठीक से नहीं उठाया जा रहा है। कई क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कचरा परिवहन व्यवस्था ठप है। शताब्दीपुरम के लोगों का कहना है कि कचरा गाड़ी कभी-कभी आती है। इसी के कारण यहां की सड़कों के किनारे कचरे के ढेर लगे हैं।


-नालियों में कचरा डालने की मजबूरी
लोगों को कहना है कि यहां गली मोहल्ले की नालियां भी महीनों साफ नहीं होती। अब चुकी गर्मी का मौसम शुरू हो रहा है और इसी तरह अगर कचरे करे के ढेर लगे रहे तो मच्छरों का आतंक शुरू हो जाएगा। गली मोहल्लों में कई जगह ऐसी हैं जहां पर घरों से निकलने वाला कचरा मजबूरी में नाले नालियों में डालना पड़ता है क्योंकि यहां पर साफ सफाई करने वाली नियमित रूप से नहीं आते। शताब्दी पुरम यादव कॉलोनी आदि के अंदर वाले मोहल्ले में दो-तीन दिनों में एक बार कभी कचरे वाली गाड़ी आती है। लोगों का कहना है कि यहां पर गाड़ियों का आना-जाना कागजों में तो दर्ज है लेकिन कचरा उठाया नहीं जाता।

-दुर्गंध से जीना मुहाल
यहां पर नालियों में जमा पानी जिसके कारण मच्छरों के लारवा पनपना लगे हैं। सड़कों के दोनों तरफ कई जगह कचरा की ढेर लगे हैं जिससे दुर्गंध फैल रही है। लोगों ने बताया कि कई बार सफाई व्यवस्था को लेकर निगम में शिकायतें भी की गई लेकिन इस तरफ कोई विशेष ध्यान नहीं देता। जबकि नगर निगम द्वारा साफ सफाई के नाम पर सालाना टैक्स वसूला जा रहा है। लोगों का कहना है कि कचरा परिवहन के लिए इतने सारे वहां हैं तो फिर वह यहां क्यों नहीं आते आखिर यह सब वहां आखिर चल कहां रहे हैं कचरा तो सड़क पर ही पड़ा है।

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