फिलहाल…सब पर भारी है हेमंत खंडेलवाल
सियायी गलियारों में एक ही चर्चा, कौन होगा मप्र में भाजपा का मुखिया
फिलहाल…सब पर भारी है हेमंत खंडेलवाल
सियायी गलियारों में एक ही चर्चा, कौन होगा मप्र में भाजपा का मुखिया, दिल्ली चुनाव के बाद कवायद तेज,डेढ़ दर्जन से ज्यादा दावेदार,जातिगत समीकरण साधना बड़ी चुनौती
पंडित मदन मोहन अवस्थी
जबलपुर। भारतीय जनता पार्टी के नए प्रदेशाध्यक्ष दर्जन भर से ज्यादा नामों में अब तक हेमंत खंडेलवाल का पलड़ा सबसे भारी है। पार्टी में सब कुछ तय हो चुका है,सिर्फ ऐलान की देर है। आज दिल्ली चुनाव के नतीजे ेआने के बाद प्रक्रिया तेज होगी और सब कुछ ठीक रहा तो 15 फरवरी तक नए प्रदेशाध्यक्ष की ताजपोशी मुम्किन हो जाएगी। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को प्रदेश अध्यक्ष के चयन के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है और उम्मीद जताई जा रही है कि वे जल्द ही मध्य प्रदेश का दौरा करेंगे। ऐसा हरगिज नहीं है कि प्रदेशाध्यक्ष की दौड़ में शामिल अन्य दावेदारों ने आत्मसमर्पण कर दिया हो। सभी अपने स्तर पर कोशिश-कवायद में जुटे हुये हैं। जिसका नजारा अगले दो से तीन दिनों में स्पष्ट तौर पर दिखेगा।
-दावेदारों पर एक नजर
प्रदेश अध्यक्ष के लिए कई नाम चर्चा में हैं, लेकिन रेस में अब सबसे आगे बैतूल से विधायक और पूर्व सांसद हेमंत खंडेलवाल का नाम तेजी से आगे आया है। खंडेलवाल को संघ, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पार्टी के अन्य नेताओं का समर्थन मिल रहा है। हेमंत खंडेलवाल के पिता स्व. विजय खंडेलवाल भी भाजपा के नेता थे, जिससे उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि मजबूत और पार्टी से बहुत गहरा जुड़ाव है।
-इनका नाम भी लिस्ट में
मुखिया बनने की दौड़ में अन्य दावेदारों के नाम भी शामिल हैं। जिनमें पहले नंबर पर है
नरोत्तम मिश्रा। पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की दावेदारी भी मजबूत मानी जा रही है। वह सवर्ण वर्ग से आते हैं और राज्य की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। उनकी केंद्रीय नेतृत्व से भी अच्छी ट्यूनिंग मानी जाती है।
इसके बाद फग्गन सिंह कुलस्ते का नाम है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता फग्गन सिंह कुलस्ते आदिवासी वर्ग से आते हैं और मध्य प्रदेश में आदिवासी वर्ग की अहमियत को देखते हुए उनकी दावेदारी काफी मजबूत हो सकती है।
इसी क्रम में अरविंद भदौरिया का नाम भी है। पूर्व मंत्री भदौरिया संगठन के एक कुशल रणनीतिकार माने जाते हैं। हालांकि, वह 2023 के विधानसभा चुनाव में हार गए थे, लेकिन पार्टी उन्हें एक बार फिर सक्रिय करना चाहती है। इनके साथ ही सुमेर सिंह सोलंकी के नाम भी दौड़ में हैं। महिला कोटे से अर्चना चिटणीस और कविता पाटीदार का भी नाम है।
-जातिगत समीकरण साधना भी जरूरी
पार्टी सूत्रों के अनुसार हेमंत खंडेलवाल के संघ से जुड़े होने और विवादों से दूर रहने के चलते पार्टी अब धीरे धीरे उनके नाम पर सहमति बना रही है। वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का कार्यकाल पांच साल का हो चुका है और उन्हें फिर से मौका मिलने की संभावना कम है। बताया जा रहा है कि अध्यक्ष पद के लिए हेमंत खंडेलवाल पहली पसंद बन गए हैं। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि भाजपा अध्यक्ष के चुनाव के लिए भी जातिगत समीकरणों को साधना चाहेगी। ऐसे में संभावना है कि नया अध्यक्ष सामान्य, आदिवासी या महिला वर्ग से हो सकता है, क्योंकि भाजपा ने विधानसभा चुनाव के बाद डिप्टी सीएम और मंत्रियों के लिए भी जातिगत समीकरणों का पूरा ध्यान रखा था। अभी अध्यक्ष पद की रेस में कई सीनियर नेता भी दावेदार हैं। ऐसे में देखना होगा कि भाजपा सीनियर नेता को कमान सौंपती है या फिर किसी नए चहेरे पर दांव लगाती है।
-क्या एक्सपेरीमेंट के मूड में है पार्टी
मध्यप्रदेश बीजेपी का बहुप्रतीक्षित अध्यक्ष के नाम का ऐलान इसी माह के दूसरे हफ्ते तक होने की संभावना है। इस पद की रायशुमारी के लिए लिस्ट भी केन्द्रीय हाईकमान तक पहुंच गई है। प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए केन्द्र से पर्यवेक्षक के तौर पर आ रहे केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के मध्यप्रदेश दौरे के साथ ही चुनाव में और गति आ जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में किस फार्मूले पर जा सकती है पार्टी? फिनिशिंग लाइन पर पहुंच रही प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में कौन सा चेहरा क्यों और कितना दमदार है? क्या प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर कोई प्रयोग भी कर सकती है पार्टी? ये चेहरा केन्द्र की राईट च्वाईस होगा या सीएम के साथ बेहतर समन्व्य के हिसाब से होगा? इन सवालों पर बीजेपी नेताओं व कार्यकर्ताओं के बीच चर्चाएं तेज हो चुकी हैं।