पनागर। पनागर में पुलिसकर्मियों द्वारा गाड़ियों को रोककर अवैध वसूली करने की घटनाएं बढ़ रही हैं। यह पुलिसकर्मी लोगों को डराते हैं, धमकी देते हैं और तानाशाही से बात करते हैं। इससे लोगों को अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित होना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मामले में पुलिस प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। पुलिसकर्मियों को निर्देश देना चाहिए कि वे लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें। इसके अलावा, अवैध वसूली करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।पनागर थाने के पुलिसकर्मियों की तानाशाही और जबरदस्ती की कार्रवाई से लोग परेशान हैं। पुलिस बिना किसी कारण लोगों की गाड़ियों को जबरदस्ती हाथ पकड़कर उन्हें रोकती है। इससे दुर्घटना होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
-चालान के बहाने जबरिया वसूली
लोगों का कहना है कि पुलिसकर्मी उन्हें वाहनों के रजिस्ट्रेशन कार्ड दिखाने के बाद भी जबरदस्ती चालान बनाया जाता है। लोगों को पैसे देने के लिए मजबूर भी किया जाता है और यदि वे नहीं रुकते हैं, तो उनसे अपशब्दों से बात भी बखूबी करते हैं। यह पनागर पुलिस की जबरदस्ती और तानाशाही का एक उदाहरण मात्र है।
इनका कहना
वाहन चेकिंग न केवल पनागर में बल्कि संपूर्ण जिले में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर की जा रही है। जिसमें वाहनों के कागज, हेलमेट आदि की जांच पुलिसकर्मियों द्वारा की जाती है।
अजय बहादुर सिंह, थाना प्रभारी पनागर