समग्र आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण को ध्यान में रखकर बनाया गया बजट:सांसद आशीष दुबे
संसदीय क्षेत्र के सांसद श्री आशीष दुबे ने 2025 के केंद्रीय बजट को देश के समग्र आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण को ध्यान में रखकर बनाया गया
समग्र आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण को ध्यान में रखकर बनाया गया बजट:सांसद आशीष दुबे
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जबलपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद श्री आशीष दुबे ने 2025 के केंद्रीय बजट को देश के समग्र आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण को ध्यान में रखकर बनाया गया जनहितकारी बजट निरूपित किया है।उन्होंने कहा कि इस बजट में
हर वर्ग का पूरा ध्यान रखा गया है और
किसान,युवाओं,मध्यम वर्ग को प्राथमिकता देते हुए अनुकूल निर्णय लिए गए हैं।उन्होंने कहा कि बजट प्रस्तावों से हर वर्ग को बहुत फायदा होगा।सांसद श्री दुबे ने कहा कि
भारत की अर्थव्यवस्था सभी प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है और पिछले 10 वर्षों में मोदी सरकार के विकास के ट्रैक रिकॉर्ड और संरचनात्मक सुधारों ने महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया है तब आज प्रस्तुत बजट भारत को और सशक्त बनाने में मील का पत्थर प्रमाणित होगा।
श्री दुबे ने कहा कि हमारी सरकार के पूर्व दो कार्यकालों के दौरान किए गए परिवर्तनकारी कार्य एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करते हैं, जिससे यह सरकार दृढ़ संकल्प के साथ हर वर्ग की बेहतरी के लिए कदम उठा रही है जो आज प्रस्तुत बजट में भी परिलक्षित होता है।बजट में
युवा , अन्नदाता और मातृशक्ति पर ध्यान केंद्रित करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में विकास के उपाय प्रस्तावित किए गए हैं। विकसित भारत की ओर हमारी यात्रा में आज का बजट शक्ति प्रदान करने वाला बजट है क्योंकि मध्यम वर्ग भारत के विकास को शक्ति प्रदान करता है और मध्यम वर्ग के लिए बजट में अत्यंत अनुकूल प्रस्ताव हैं।
सांसद श्री दुबे ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने हमेशा राष्ट्र निर्माण में मध्यम वर्ग की सराहनीय ऊर्जा और क्षमता पर विश्वास किया है और आज का बजट उसी विश्वास को और दृढ़ कर रहा है।
उन्होंने कहा कि नई टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा,इससे देश की आर्थिक शक्ति बहुत बढ़ जाएगी।उन्होंने कहा कि यह पिछले एक दशक में किए गए सबसे बड़े सुधारों में से एक है।
इससे राजकोषीय घाटे से समझौता किए बगैर लोगों के हाथों में ज्यादा पैसा होगा। यह प्रस्ताव बहुत सरल और तर्कसंगत है जिससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
सांसद श्री दुबे ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं के दाम घटाने के लिए कस्टम ड्यूटी घटाई गई है। 6 जीवनरक्षक दवायें और कैंसर की 36 दवाएं टैक्स फ़्री की गईं हैं।सरकार का यह बजट प्रस्ताव अत्यंत जनहितकारी है।
बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा 74 फीसदी से बढ़ाकर 100 फीसदी की गई है,जिससे उपभोक्ताओं को भरपूर फायदा होगा।
सांसद श्री दुबे ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने की घोषणा की है।इसे तीन लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया गया है,जो यह बताता है कि सरकार किसानों की बेहतरी के लिए अत्यंत गंभीर है।उन्होंने कहा कि
स्ट्रीट वेंडर्स को आर्थिक रूप से मदद करने के लिए 30 हज़ार रुपये का क्रेडिट कार्ड दिए जाने का प्रावधान भी बजट में किया गया है जिससे संबंधित वर्ग को बहुत सहूलियत होगी।सांसद श्री दुबे ने कहा कि
बच्चों में वैज्ञानिक सोच के विकास के लिए स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना,सक्षम आंगनवाड़ी पोषण 2.0 में पोषण के लिए उचित राशि जारी करने के प्रावधान दूरदर्शी हैं। इसका 8 करोड़ बच्चों और 1 करोड़ गर्भवती को लाभ मिलेगा।बजट में गिग वर्कर्स को लेकर अनुकूल घोषणा की गई है।सांसद श्री दुबे ने
बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना को भी बजट का ऐतिहासिक प्रावधान बताते हुए कहा कि भारत का 90 प्रतिशत मखाना बिहार में होता है।यह प्रावधान बिहार के मखाना किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
सांसद श्री आशीष दुबे ने आज प्रस्तुत बजट को भविष्य की रणनीति के हिसाब से बनाया गया बजट बताते हुए कहा कि आज के परिपेक्ष्य में इससे अच्छा बजट नहीं हो सकता था।