ADVOCATE – The Prapanch https://www.theprapanch.com India's Top News Portal Thu, 07 Nov 2024 06:03:42 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.7.2 https://www.theprapanch.com/wp-content/uploads/2024/04/cropped-Screenshot_9-32x32.jpg ADVOCATE – The Prapanch https://www.theprapanch.com 32 32 एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की प्रक्रिया शुरू https://www.theprapanch.com/advocate-protection-act-process-started-2/ https://www.theprapanch.com/advocate-protection-act-process-started-2/#respond Thu, 07 Nov 2024 06:03:42 +0000 https://www.theprapanch.com/?p=4169 एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की प्रक्रिया शुरू

विधि विभाग ने स्टेट बार को भेजा पत्र

जबलपुर। मध्य प्रदेश शासन विधि विधायी कार्य विभाग ने स्टेट बार काउंसिल ऑफ मध्यप्रदेश को पत्र भेजकर बताया है कि एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की प्रक्रिया शुरू हो गई है। चेयरमैन राधेलाल गुप्ता एवं वाइस चेयरमैन आरके सिंह सैनी ने बताया कि पत्र मिलने के साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश के वकीलों की वर्षाें से लंबित माँग शीघ्र पूरी हो जाएगी। पिछले दिनों स्टेट बार के चेयरमैन व वाइस चेयरमैन ने मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव से मिलकर इस सिलसिले में चर्चा की थी। इस दौरान को-चेयरमैन डाॅ. विजय कुमार चौधरी, राजेश व्यास भी शामिल थे। मुख्यमंत्री ने चर्चा के बाद भरोसा दिलाया था कि एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाया जाएगा। इससे पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी राजधानी भोपाल में अधिवक्ता महापंचायत बुलाकर आश्वस्त किया था कि वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। लंबे समय से वकील इस सिलसिले में स्वर बुलंद करते आए हैं। कई बार प्रतिवाद दिवस तक मनाए गए लेकिन माँग पूरी नहीं हो रही थी।

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दो दिन पूर्व शहर पहुंचे माननीय पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रदेश में चल रहे पौधारोपण पर उठाये थे सवाल https://www.theprapanch.com/honorable-former-chief-minister-digvijay-singh-who-arrived-in-the-city-two-days-ago-had-raised-questions-on-the-plantation-going-on-in-the-state/ https://www.theprapanch.com/honorable-former-chief-minister-digvijay-singh-who-arrived-in-the-city-two-days-ago-had-raised-questions-on-the-plantation-going-on-in-the-state/#respond Fri, 19 Jul 2024 03:27:48 +0000 https://www.theprapanch.com/?p=2317 जालियां नदारत है और पौधे सूख चुके हैं इसकी सूचना मिलने पर कांग्रेस पार्षद दल ने मौके पर पंहुचकर निरीक्षण किया।]]>

दो दिन पूर्व शहर पंहुचे दिग्विजय सिंह ने प्रदेश में चल रहे पौधारोपण पर भी सवाल उठाते हुए इसमें भ्रष्टाचार होने की बात कही थी। इसकी एक बानगी गुरुवार को लाला लाजपत राय वार्ड के मोहनिया में देखने को मिली। जहां दस दिन पूर्व भाजपा विधायक और महापौर द्वारा 1100 पौधों का रोपण किया गया था और इन पौधों को संरक्षित करने के लिए जालियां लगवाई गई थी। लेकिन अब जालियां नदारत है और पौधे सूख चुके हैं इसकी सूचना मिलने पर कांग्रेस पार्षद दल ने मौके पर पंहुचकर निरीक्षण किया। जहां नगरनिगम की कारगुजारी देखने को मिली। इस मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा ने महापौर और नगर निगम निगम पर गंभीर आरोप लगाये। उन्होंने कहा कि नगर निगम में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है पौधारोपण के नाम पर सत्ता पक्ष जमकर बंदर बांट कर रहा है महापौर द्वारा शहर में 12 लाख पौधों के रोपण का दावा किया गया है लेकिन प्रारंभिक चरण में ही नगर निगम की हकीकत सामने आ रही है जहां अधिकारियों से लेकर सत्ता पक्ष जनता के पैसों की बर्बादी कर रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा उपनेताप्रतिपक्ष शगुफ्ता उस्मानी गुड्डू नवी सचेतक अयोध्या तिवारी पार्षद ऋतु राजेश यादव पार्षद अनुपम जैन एवं ने जानकारी देते हुए बताया है कि नगर निगम सदन की बजट बैठक में कांग्रेस पार्षद दल ने नगर निगम की लापवाही एवं भ्रष्टाचार पर लगातार सवाल उठाये थे इसी कारण सत्ता पक्ष ने बहुमत के आधार पर बजट पास किया.
आज इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा, उपनेताप्रतिपक्ष शगुफ्ता गुड्डु उस्मानी, सचेतक अयोध्या तिवारी, पार्षद ऋतु राजेश यादव, पार्षद अनुपम जैन, एवं कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रवीन्द्र कुशवाह आदि उपस्थित थे।

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स्टेट बार काउंसिल की बैठक में अधिवक्ताओं का हंगामा https://www.theprapanch.com/uproar-among-advocates-in-state-bar-council-meeting/ https://www.theprapanch.com/uproar-among-advocates-in-state-bar-council-meeting/#respond Sat, 18 May 2024 07:08:03 +0000 https://www.theprapanch.com/?p=1095 हाईकोर्ट परिसर में स्थित स्टेट बार काउंसिल के कार्यालय में आज शनिवार को उस समय गहमागहमी का माहौल निर्मित हो गया। जब बार काउंसिल के पुराने अध्यक्ष ने बार काउंसिल के मीटिंग कक्ष में ताला जड़ दिया। और बैठक में व्यवधान उत्पन्न किया।]]>

जबलपुर,हाईकोर्ट परिसर में स्थित स्टेट बार काउंसिल के कार्यालय में शनिवार सुबह उस समय गहमागहमी का माहौल निर्मित हो गया। जब बार काउंसिल के वर्तमान अध्यक्ष प्रेम सिंह भदौरिया ने बार काउंसिल के मीटिंग कक्ष में ताला जड़ दिया और बैठक में व्यवधान उत्पन्न किया। जिसके बाद अधिवक्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। शनिवार को होने वाली जनरल बॉडी मीटिंग में नये अध्यक्ष की घोषणा होनी थी। जिसको लेकर सदस्यों के बीच भी टकराव की स्थिति रही। टकराव और हंगामे के बीच वर्तमान में स्टेट बार कांउसिल के अध्यक्ष प्रेम सिंह भदौरिया ने बार कांउसिल के बैठक कक्ष में ताला लगा दिया। जिसके बाद काउॅन्सिल पदाधिकारियों में रोष उत्पन्न हुआ और बार कांउसिल की पुरानी कार्यकारिणी और नये सदस्यों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। बार काउंसिल के अन्य पदाधिकारियों का आरोप है कि ग्वालियर से आने वाले अधिवक्ता प्रेम सिंह भदौरिया अपना अध्यक्ष पद नहीं छोड़ना चाहते और नये कार्यकारिणी का गठन नहीं होने देना चाहते। इस संबंध में स्टेट बार कांउसिल के वर्तमान वाइस चेयरमैन आरके सिंह सैनी बताया कि ग्वालियर से वर्तमान में अध्यक्ष प्रेम सिंह भदौरिया ने आज जनरल बॉडी की बैठक से पूर्व ही बैठक कक्ष में ताला लगा दिया है। अधिवक्ताओं के हंगामे के बाद उन्होंने ताला खोला। वे नहीं चाहते कि नया अध्यक्ष बने। लेकिन आज नए अध्यक्ष की घोषणा तय है।

 

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हाईकोर्ट का फैसला, ईडब्ल्यूएस का कोटा 10 फीसद ही रहेगा https://www.theprapanch.com/high-courts-decision-ews-quota-will-remain-only-10-percent/ https://www.theprapanch.com/high-courts-decision-ews-quota-will-remain-only-10-percent/#respond Tue, 07 May 2024 05:04:43 +0000 https://www.theprapanch.com/?p=648 मध्यप्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट (JABALPUR HIGHCOURT) ने इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन यानि (EWS) के लिए कोटा पर अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने अनारक्षित पदों में से 10 प्रतिशत सीटें ईडब्ल्यूएस को देने का आदेश दिया है।]]>

 

जबलपुर।मध्यप्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट (JABALPUR HIGHCOURT) ने इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन यानि (EWS) के लिए कोटा पर अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने अनारक्षित पदों में से 10 प्रतिशत सीटें ईडब्ल्यूएस को देने का आदेश दिया है। ईडब्ल्यूएस कोटा मामले में कोर्ट के इस फैसले के बाद सरकारी नौकरियों और भर्ती में इस वर्ग को खासी राहत मिलने की उम्मीद है। इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन ईडब्ल्यूएस कोटा मामले में हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने कहा कि- अनारक्षित पदों में से 10 प्रतिशत सीटें ईडब्ल्यूएस को दी जाएं। इसी के साथ ईडब्ल्यूएस वर्ग को सरकारी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण की राह साफ हो गई है। बता दें कि इस संबंध में मध्यप्रदेश सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 19 दिसंबर 2019 को रोस्टर जारी किया गया था। इसमें 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस आरक्षण का प्रावधान था पर रोस्टर के अनुसार कुल रिक्त पदों में से 10 प्रतिशत पद ईडब्ल्यूएसके लिए आरक्षित किए जाते हैं। इसे भारत के संविधान के अनुच्छेद 16(6) के अंतर्गत असंगत माना गया है। हाईकोर्ट ने कहा कि केवल अनारक्षित पदों में से 10 प्रतिशत पदों को ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षित किया जाना चाहिए।

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EWS RESERVATION के सम्वन्ध में हाईकोर्ट का अहम फैसला, अनारक्षित पदों में से 10% सीटें दी जाए EWS को ! https://www.theprapanch.com/ews-reservation-regarding-high-court/ https://www.theprapanch.com/ews-reservation-regarding-high-court/#respond Mon, 06 May 2024 11:34:33 +0000 https://www.theprapanch.com/?p=625 मध्य प्रदेश में 10 फीसदी EWS आरक्षण को लेकर हाई कोर्ट का एक बड़ा आदेश सामने आया है। एनएचएम (NHM) और स्वास्थ्य विभाग में निकली विभिन्न लैब टेक्निशियनों की भर्ती में ईडब्ल्यूएस सीटों का 10 फीसदी आरक्षण कुल पदों पर ना कर अनारक्षित सीटों में से करने के आदेश को चुनौती दी गई थी।]]>

जबलपुर ,,,याचिका मैं कहा गया था कि जितने भी पद लैब टेक्निशियनों के निकाले गए हैं उनका 10 फ़ीसदी आरक्षण ईडब्ल्यूएस(EWS RESERVATION) सीटों पर रूप में किया जाए । याचिका के विरुद्ध में शासन की ओर से नियुक्त विशेष अधिवक्ता ने अदालत में तर्क रखा और बताया कि संविधान के अनुच्छेद 16(6) और 15(6) की गलत व्याख्यान करके अन्य भर्तियों में सामान्य प्रशासन विभाग ने रोस्टर जारी कर दिया है ,,जबकि संविधान के तहत 10 फ़ीसदी ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू करने का जो फार्मूला होना चाहिए वह बची हुई अनारक्षित सीटों के पैमाने पर ही होना चाहिए । याने उदाहरण के तौर पर 100 सीटों पर नियुक्तियां निकली है तो 16 प्रतिशत आरक्षण एससी वर्ग को जिसके मुताबिक कुल पद 16 ,,, 20 फीसदी आरक्षण एसटी वर्ग को जिसके तहत कुल आरक्षित सीट 20 ,,, और 27 फीसदी आरक्षण ओबीसी वर्ग को जिसके मुताबिक कुल 27 सीट ओबीसी वर्ग को और शेष 37 फीसदी अनारक्षित वर्ग की सीट बाकी रहेंगी। संविधान के प्रावधानों के तहत बची हुई 37 फीसदी अनारक्षित सीटों में से ही 10 फ़ीसदी ईडब्ल्यूएस आरक्षण का पैमाना निकाला जाएगा जो कुल चार सीटों का होगा। इस लिहाज से उदाहरण पेश करते हुए यह स्पष्ट कर दिया गया है की 10 फ़ीसदी ईडब्ल्यूएस आरक्षण का लाभ बची हुई अनारक्षितवर्ग की सीटों के पैमाने से ही किया जाएगा।  हाई कोर्ट के अहम और बड़े फैसले के बाद अब मध्य प्रदेश के अलग-अलग विभागों में जो गलत रोस्टर के आधार पर भर्तियाँ की गई हैं अब उन पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं  । यह कहने में कोई गुरेज नहीं होगा कि आने वाले दिनों में इन तमाम नियुक्तियों को भी कटघरे में रखा जाए और इस दूषित कार्रवाई के खिलाफ न्यायालय की शरण में भी कई अभ्यर्थी आ सकते हैं। हाई कोर्ट के आदेश के साथ उन तमाम याचिकाओं को खारिज कर दिया गया है जिसमे 10 फीसदी ईडब्ल्यूएस आरक्षण को अनारक्षित वर्ग के तुलना में दिए जाने को चुनौती दी थी।

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वकीलों के खिलाफ अपराधिक अवमानना पर सुप्रीम रोक https://www.theprapanch.com/supreme-ban-on-criminal-contempt-against-lawyers/ https://www.theprapanch.com/supreme-ban-on-criminal-contempt-against-lawyers/#respond Fri, 03 May 2024 10:00:50 +0000 https://www.theprapanch.com/?p=510 सर्वोच्च न्यायालय से प्रदेश के अधिवक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। दरअसल 25 प्रकरणों की अनिवार्यता को लेकर की गई प्रदेश व्यापी हड़ताल संबंधी मामले में हाईकोर्ट ने अपराधिक अवमानना मामले में एसबीसी चेयरमेन व सदस्यों सहित प्रदेश भर अधिवक्ता संघों के अध्यक्ष और सचिव को नोटिस जारी किये थे।]]>

जबलपुर, (JABALPUR) सर्वोच्च न्यायालय (SUPREME COURT) से प्रदेश के अधिवक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। दरअसल 25 प्रकरणों की अनिवार्यता को लेकर की गई प्रदेश व्यापी हड़ताल संबंधी मामले में हाईकोर्ट (HIGHCOURT) ने अपराधिक अवमानना मामले में एसबीसी चेयरमेन व सदस्यों सहित प्रदेश भर अधिवक्ता (ADVOCATE) संघों के अध्यक्ष और सचिव को नोटिस जारी किये थे। उक्त मामले को सर्वोच्च न्यायालय की शरण ली गई थी। सुको के प्रधान न्यायाधीश डीवाय चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला व जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने हाईकोर्ट में विचाराधीन अपराधिक अवमानना की प्रकिया पर रोक लगा दी है। सुको में मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई 2024 को होगी।

राज्य अधिवक्ता परिषद के उपाध्यक्ष आरके सिंह सैनी ने उक्त जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्व में 25 प्रकरण को लेकर मध्यप्रदेश के समस्त अधिवक्ता संघों में रोष उभर आया था और जिसके लिये मध्यप्रदेश के समस्त अधिवक्ता संघ कई दिनों तक न्यायालयीन कार्य से विरत रहे। उसके उपरांत मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद भी सामने आया। जिसके पूरे प्रदेश के अधिवक्ता न्यायलयीन कार्य से विरत रहे। जिसे हाईकोर्ट जजों ने काफी गंभीरता से लिया था। मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष प्रेम सिंह भदौरिया एवं अन्य सदस्यों व प्रदेश के लगभग 103 अधिवक्ता संघों के अध्यक्ष एवं सचिव के विरूद्ध कन्टेम्प्ट की कार्यवाही करते हुये उनको नोटिस जारी किये थे। उक्त मामले को लेकर पिछले एक साल से अधिवक्तागण परेशान थे। वाईस चेयरमेन श्री सैनी व एसबीसी सदस्य शैलेन्द्र वर्मा ने बताया कि उक्त मामले को लेकर एसबीसी अध्यक्ष ने सर्वोच्च न्यायालय ने जाने की बात की थी, उसके उपरांत वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा के माध्यम से अपराधिक अवमानना के विरुद्व सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई। जिस पर सर्वोच्च न्यायालय की बेंच ने हाईकोर्ट में विचाराधीन अपराधिक अवमानना की प्रकिया पर रोक लगाते हुए मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई को निर्धारित की है।

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