bhagwat – The Prapanch https://www.theprapanch.com India's Top News Portal Mon, 20 May 2024 05:08:02 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.7.2 https://www.theprapanch.com/wp-content/uploads/2024/04/cropped-Screenshot_9-32x32.jpg bhagwat – The Prapanch https://www.theprapanch.com 32 32 संस्कारों के िबना जीवन का कोई मूल्य नहीं: देवकीनंदन ठाकुर https://www.theprapanch.com/life-has-no-value-without-values-devkinandan-thakur/ https://www.theprapanch.com/life-has-no-value-without-values-devkinandan-thakur/#respond Mon, 20 May 2024 05:07:45 +0000 https://www.theprapanch.com/?p=1183 इस कलयुग में मानव दया, धर्म भगवान के स्मरण से ही सारी योनियों को पार करता है।]]>

जबलपुर।मनुष्य जीवन आदमी को बार-बार नहीं मिलता है, इसलिए इस कलयुग में मानव दया, धर्म भगवान के स्मरण से ही सारी योनियों को पार करता है। यह विचार वृंदावन धाम से पधारे विश्व विख्यात कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने पवई धाम पाटन में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस व्यक्त किए ! उन्होंने बताया कि, भगवान विष्णु ने पांचवा अवतार कपिल मुनि के रूप में लिया। शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग बताते हुए कहा कि, यह पवित्र संस्कार है, लेकिन आधुनिक समय में प्राणी संस्कारों से दूर भाग रहा है। जीव के बिना शरीर निरर्थक होता है, ऐसे ही संस्कारों के बिना जीवन का कोई मूल्य नहीं होता। भक्ति में दिखावा नहीं होना चाहिए।
शिव विवाह की कथा का वर्णन
महाराज श्री ने कहा िक जब सती के विरह में भगवान शंकर की दशा दयनीय हो गई, सती ने भी संकल्प के अनुसार राजा हिमालय के घर पर्वतराज की पुत्री होने पर पार्वती के रूप में जन्म लिया। पार्वती जब बड़ी हुईं तो हिमालय को उनकी शादी की चिंता सताने लगी। एक दिन देवर्षि नारद हिमालय के महल पहुंचे और पार्वती को देखकर उन्हें भगवान शिव के योग्य बताया। इसके बाद सारी प्रक्रिया शुरू तो हो गई, लेकिन शिव अब भी सती के विरह में ही रहे। ऐसे में शिव को पार्वती के प्रति अनुरक्त करने कामदेव को उनके पास भेजा गया, लेकिन वे भी शिव को विचलित नहीं कर सके और उनकी क्रोध की अग्नि में कामदेव भस्म हो गए। इसके बाद वे कैलाश पर्वत चले गए। तीन हजार सालों तक उन्होंने भगवान शिव को पाने के लिए तपस्या की। इसके बाद भगवान शिव का विवाह माता पार्वती के साथ हुआ। कथा स्थल पर भगवान शिव और माता पार्वती के पात्रों का विवाह कराया गया। कथा के बीच में भगवान शिव-पार्वती की आकर्षक झांकी सजाई गई। कथा में सुनाए गए भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। व्यासपीठ का पूजन मुख्य यजमान पं. जितेन्द्र पचौरी, आयोजन अध्यक्ष हरिकृष्ण पचौरी, कोषाध्यक्ष श्याम मनोहर पचौरी, आयोजन प्रभारी सर्वेश पटेल, यज्ञ यजजमान राकेश पाण्डे बाम्बे, डॉ राजेश पचौरी ने किया।

नर्मदा शुद्धिकरण के लिए महायज्ञ

कथा के पूर्व स्वामी महेंद्रानंद महाराज ने कहा कि मानव जीवन के लिए अनाज, वायु और जल की आवश्यकता होती हैl यह सभी वर्तमान परिस्थितियों में अशुद्ध होते जा रहे हैंl इस महायज्ञ का उद्देश्य मां नर्मदा का शुद्धिकरण हैl इसके लिए अभियान चलाया जा रहा हैl हम प्रदेश सरकार से अपील करते हैं कि मां नर्मदा में मिलने वाले नालों का पानी बंद किया जाएl कुछ स्थानों पर ट्रीटमेंट कर पानी नर्मदा जी में प्रवाहित किया जा रहा है, यह पानी भी अशुद्ध हैl नर्मदा की निर्मलता को बनाए रखने के लिए वैकल्पिक नाला बनाकर उन्हें जंगलों में छोड़ा जा सकता हैl इससे मां नर्मदा प्रदूषण होने से बच सकते हैंl यज्ञ के तीसरे दिन ऋषभ देव महाराज के सानिध्य में श्री शिव समरधान महायज्ञ मैं विविध धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुएl 108 यजमानों ने यज्ञ में आहुतियां दीl पूरा यज्ञ मंडप भगवान शिव के जयकारों से गूंज उठाl भगवान शिव का अभिषेक पूजन किया गयाl इस अवसर पर ठाकुर उदयभान सिंह, जितेंद्र पचौरी, विष्णु शंकर पटेल, स्वामी महेंद्रानंद जी,राजा शेखर आशीष पचौरी, आनंद मोहन, शिवकुमार गोटिया, बृजेश बादल कृष्ण, शेखर सिंह, राजेश शर्मा, मनोज पटेल, राजेश विश्वकर्मा, रोहित ठाकुर, राकेश पटेल, शंभूनारायण शर्मा, मनोज पटेल, गोविंद सिंह , लक्षजीत पचौरी , सुरेश पचोरी , शिवश्याम पचौरी , दुर्गेश पटेल शायद बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहेl

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जीव को अभय प्रदान करती है श्रीमद् भागवत कथा https://www.theprapanch.com/shrimad-bhagwat-katha-provides-fearlessness-to-the-living-being/ https://www.theprapanch.com/shrimad-bhagwat-katha-provides-fearlessness-to-the-living-being/#respond Sun, 19 May 2024 06:17:20 +0000 https://www.theprapanch.com/?p=1142 जीवन-मरण, भय-दरिद्र एवं दुखों से मुक्ति प्रदान कर अभय पद एवं अमृत पान तथा आनंद की अनुभूति कराने वाला एकमात्र श्रीमद्भागवत महापुराण ही है। सदियों से जीव मात्र को मोक्ष प्रदान करने वाला यह ग्रंथ आज भी उतना ही प्रबल एवं प्रासंगिक है]]>

जबलपुर। जीवन-मरण, भय-दरिद्र एवं दुखों से मुक्ति प्रदान कर अभय पद एवं अमृत पान तथा आनंद की अनुभूति कराने वाला एकमात्र श्रीमद्भागवत महापुराण ही है। सदियों से जीव मात्र को मोक्ष प्रदान करने वाला यह ग्रंथ आज भी उतना ही प्रबल एवं प्रासंगिक है जितना कि अंधकार दूर करने में मार्तंड है। यह विचार वृंदावन से पधारे विश्व िवख्यात कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने पाटन के पवई धाम में श्री शिवसमाराध महायज्ञ के दौरान आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस व्यक्त िकए। उन्होंने कहा िक संपूर्ण मानव समुदाय को चाहिए कि वह भागवत की कथा सुनकर आत्म कल्याण अवश्य करें एवं अपने जीवन को परम सौभाग्य की प्राप्ति कराए।

भागवत जीवन दर्शन
देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने कहा कि भागवत एक जीवन दर्शन है, इसमें ऐसी कथाएँ हैं जो मानव को जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा िक महर्षि वेदव्यास जी ने वेदों के चार भागों में िवभक्त किया। इसके बाद उन्होंने 17 पुराणों की रचना की। इससे भी वे संतुष्ट नहीं हुए। उनका मन खिन्न था। ऐसे में देवर्षि नारद ने उन्हें श्रीमद् भागवत कथा की रचना करने की प्रेरणा दी। वेदव्यास जी ने भागवत की रचना कर सुखदेव जी को भागवत का ज्ञान कराया। जिसे सुखदेव जी ने राजा परीक्षित को श्रवण कराया। व्यासपीठ का पूजन मुख्य यजमान पं. जितेन्द्र पचौरी, आयोजन अध्यक्ष हरिकृष्ण पचौरी, कोषाध्यक्ष श्याम मनोहर पचौरी, आयोजन प्रभारी सर्वेश पटेल, यज्ञ यजजमान राकेश पाण्डे बाम्बे, डॉ राजेश पचौरी ने किया।

नर्मदा शुद्धिकरण का संकल्प दिलाएँगे
कथा के पूर्व स्वामी महेन्द्रानंद महाराज ने बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा िक माँ नर्मदा के रूप में परमात्मा ने हम पर बड़ी कृपा की है। इसलिए हमारा दायित्व है िक हम माँ नर्मदा को स्वच्छ रखें। उन्होंने माँ नर्मदा की शुद्धिकरण के लिए अभियान चलाने की बात की रखी। इसके पूर्व प्रात: 108 यजमानों ने भगवान शंकर का पूजन-अभिषेक िकया। अमरकंटक से पधारे ऋषभ देव महाराज ने 108 वैदिक विद्वानों से पूजन संपन्न कराया। यजमानों ने वैदिक मंत्रों के बीच आहुतियाँ दीं। इस अवसर पर राजेश सिंह ठाकुर, पूर्व विधायक देवेन्द्र सिंह पटेल, महेन्द्र सिंह ठाकुर, आनंद मोहन पल्हा, श्याम मनोहर पटेल, हेमंत पटेल, हरमोहन शर्मा, निलेश पचौरी, गोविंद ठाकुर, ओम नारायण पचोरी, मोहन तिवारी, राकेश सिंह, देवेंद्र यादव, मनीष पचोरी, गोपाल साहू, ओंकार पटेल, रोहिणी, बादल, मुदित पचौरी, अनमोल पल्हा, जितेश पचोरी, वरुण पचोरी, राजेंद्र, श्रुति, लक्ष्य पचौरी, ठाकुर उदयभान सिंह, आचार्य जागेंद्र सिंह, अनिरुद्ध विश्नोई आदि मौजूद रहे।

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