constitution of india – The Prapanch https://www.theprapanch.com India's Top News Portal Mon, 13 Jan 2025 04:51:59 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.7.2 https://www.theprapanch.com/wp-content/uploads/2024/04/cropped-Screenshot_9-32x32.jpg constitution of india – The Prapanch https://www.theprapanch.com 32 32 डाॅ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का अपमान, सहन नहीं करेगा भारत महान! https://www.theprapanch.com/dr-baba-saheb-bhimrao-ambedkars-insult-india-will-not-tolerate-great/ https://www.theprapanch.com/dr-baba-saheb-bhimrao-ambedkars-insult-india-will-not-tolerate-great/#respond Mon, 13 Jan 2025 04:51:59 +0000 https://www.theprapanch.com/?p=5393 डाॅ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का अपमान, सहन नहीं करेगा भारत महान!
इंडियन पीपुल्स अधिकार पार्टी ने पूरे आदर और श्रद्धा के साथ भगवान अंबेडकर की पूजा-अर्चना की
जबलपुर 12 जनवरी 2025,बाबा साहेब डाॅ. भीमराव रामजी अंबेडकर एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व बाबा साहेब डाॅ. भीमराव रामजी अंबेडकर एक प्रखर व्यक्तित्व, ज्ञान के प्रतीक और भारत के महान सुपुत्र थे। वे एक सार्वजनिक बौद्धिक, सामाजिक क्रांतिकारी और विशाल क्षमता संपन्न विचारक थे। उनके लेखन और भाषणों में सामाजिक और राजनीतिक स्थितियों का व्यावहारिक विश्लेषण और अंतःविषय दृष्टिकोण स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। उन्होंने वंचित वर्ग के लोगों के लिए न्याय और मुक्ति की गहरी भावना को अपने विचारों के माध्यम से व्यक्त किया। बाबा साहेब ने अपना पूरा जीवन समाज के वंचित वर्गों की दशा सुधारने और सामाजिक समरसता स्थापित करने के लिए समर्पित कर दिया। यह विचार डाॅ. पुरुषोत्तम तिवारी, संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष, इंडियन पीपुल्स अधिकार पार्टी, ने जबलपुर स्थित अंबेडकर चैक पर आयोजित डाॅ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर स्वाभिमान समारोह के अवसर पर व्यक्त किए।
कार्यक्रम में पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री लीलाधर झारिया ने अपने संबोधन में कहा, ष्डॉ. भीमराव अंबेडकर दलित और पिछड़े वर्गों के मसीहा हैं। उन्होंने हमें समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए नया जीवन प्रदान किया। हम कभी भी बाबा साहेब के सम्मान पर आँच नहीं आने देंगे। कुछ राजनीतिक दल उनके नाम का उपयोग केवल वोट प्राप्त करने के लिए करते हैं और बाद में उन्हीं का अपमान करते हैं। इंडियन पीपुल्स अधिकार पार्टी इस अन्याय का बदला लेकर ऐसे दलों को सत्ता से बेदखल करेगी। श्री झारिया ने यह भी घोषणा की कि मध्यप्रदेश के हर गांव और शहर में स्थापित बाबा साहेब की प्रतिमाओं को भगवान मानते हुए उनकी पूजा-अर्चना की जाएगी।
इस अवसर पर पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण, पूजा-अर्चना और प्रसाद वितरण किया। कार्यक्रम का संचालन जिला उपाध्यक्ष श्री राजेश मिश्रा ने किया। मुख्य अतिथि एवं उपस्थित नेता डाॅ. पुरुषोत्तम तिवारी (संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष), श्री लीलाधर झारिया (प्रदेश अध्यक्ष), श्री ओ.पी. बिल्थरिया (जिला अध्यक्ष), श्री बलराम श्रीवास्तव (महामंत्री), श्री राहुल वर्मा (संगठन मंत्री), श्री संत कुमार रजक (जिला अध्यक्ष सिवनी), श्री राकेश अग्रवाल, श्री अनिल कुमार मेहरा, शिरीष चैबे, श्री रुद्र प्रताप सिंह, श्री मोनू बघेल, श्री संजय सागर सेन, श्री राहुल पांडे, श्री अंकुर उर्मलिया, श्री केशव पटेल (जिला अध्यक्ष, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ), श्री अरविंद खरे, श्री हरिओम हजारी और अन्य पार्टी कार्यकर्ता। कार्यक्रम के अंत में सभी ने बाबा साहेब के आदर्शों पर चलने और उनके सम्मान की रक्षा करने का संकल्प लिया।
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संविधान के 75 साल,, https://www.theprapanch.com/75-years-of-the-constitution/ https://www.theprapanch.com/75-years-of-the-constitution/#respond Tue, 26 Nov 2024 08:14:14 +0000 https://www.theprapanch.com/?p=4544 इस लिखित संविधान की विविधता दुनिया के किसी भी देश से सबसे अलग है]]>

संविधान के 75 साल,,

एंकर- दुनिया के सबसे बड़े लिखित संविधान का दर्जा भारत देश के पास है……इस लिखित संविधान की विविधता दुनिया के किसी भी देश से सबसे अलग है। बेशक जिस संविधान की चर्चा पूरी दुनिया मे होती है उसे अलंकृत करने मे संस्कारधानी जबलपुर का प्रमुख योगदान है। संविधान के जिस मुख्य पृष्ठ को दुनिया देखती है उसे अलंकृत किया है जबलपुर के रहने वाले स्व. ब्यौहार राममनोहर सिन्हा ने। आज भले ही वो इस दुनिया मे न हो लेकिन उनका काम कभी भी भुलाया नही जा सकेगा।

वीओ- हमारे देश के संविधान का मुख्य पृष्ठ अपने आप में बेहद अनोखा है संविधान के मुख्य पृष्ठ को जिस ढ़ंग से अलंकृत किया गया है उसमे भारत की एकता,,,, संप्रभुता को दर्शाया गया है। संविधान की मुख्य पृष्ठ का संबंध संस्कारधानी जबलपुर से भी है। जब-जब देश के संविधान की चर्चा होगी, तो जबलपुर का नाम भी जरूर आएगा क्योंकि संविधान के मुख्य पृष्ठ मे पिरोइ गई कलाकृति जबलपुर में जन्मे कलाकार ब्यौहार राम मनोहर सिन्हा ने की थी। संविधान के मुख्य पृष्ठ को सिन्हा ने ही अपने हॉथो से सजाया और संवारा था।

एम्वीयेन्स…

वीओ- संविधान को केवल शब्दों से नहीं बल्कि अलंकरण से भी सजाया गया है। संविधान को अलंकृत करने की सोच सन् 1935 में हुई जब डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद और काका कालेकर जबलपुर आए। दरअसल जब भारत अंग्रेजों की हुकूमत के शिकंजे में कसा हुआ था तब 1925 में स्वराज संविधान का विचार आया और इस विचार को जन्म दिया नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने ,,,,,जिन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू के साथ मिलकर स्वराज संविधान पर एक साथ काम किया। 1935 में जब डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद जबलपुर आए तो व्यवहार राजेंद्र प्रसाद के घर ठहरे और स्वराज संविधान पर आगे काम करने का विचार बनाया। जबलपुर में ही यह बात तय की गई कि जब भारत आजाद होगा और उसका खुद का संविधान होगा तो उसमें चित्रों के माध्यम से भी संविधान को रूप दिया जाएगा।

बाइट- ब्यौहार डॉ अनुपम सिन्हा,ब्यौहार राम मनोहर सिन्हा के बेटे

वीओ- संविधान में कला को समाहित करना है इस विचारधारा का जन्म 1935 में जबलपुर में ही हुआ था लेकिन यह बात डॉ राजेंद्र प्रसाद के दिमाग में बैठ गई थी ,,,,,यही वजह थी कि जब भारत आजाद हुआ और भारत के संविधान के निर्माण की बात शुरू हुई तो डॉ राजेंद्र प्रसाद ने यह बात संविधान समिति के सामने रखी। जब भारत के संविधान का निर्माण होगा तो उसमें हम कला के जरिए भी संविधान की प्रमुखता को दिखाएंगे और यही वजह थी कि डॉ राजेंद्र प्रसाद ने तत्काल देश के सबसे बड़े कला केंद्र शांतिनिकेतन के प्रमुख नंदलाल बोस से संपर्क किया और उनसे कहा कि उस संविधान को अलंकृत करने के लिए चित्रकारी बनाएं।

बाइट- ब्यौहार डॉ अनुपम सिन्हा,ब्यौहार राम मनोहर सिन्हा के बेटे

वीओ- नंदलाल बोस उस समय काफी बुजुर्ग हो गए थे इसीलिए उन्होंने यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी अपने प्रिय शिष्य ब्यौहार राम मनोहर सिन्हा के कंधों पर डाली और कहा कि वह संविधान के मुख्य पृष्ठ से लेकर उसमें समाहित होने वाले तमाम चित्रों को बनाएं। काम बहुत ज्यादा था और समय बहुत कम इसलिए राम मनोहर सिन्हा ने अपने साथियों के साथ मिलकर संविधान पर काम करना शुरू कर दिया। इस बीच वह तारीख आ गई जब भारत के संविधान को लागू करना था तो 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू कर दिया गया ,,,लेकिन उसके अलंकरण का काम इसके बाद भी जारी रहा और मई 1950 को भारत के संविधान को अलंकृत किया गया।

बाइट- ब्यौहार डॉ अनुपम सिन्हा,ब्यौहार राम मनोहर सिन्हा के बेटे

वीओ- सिन्हा ने जब बना हुआ पृष्ठ अपने गुरु को दिखाया तो बोस बहुत खुश हुए। उन्होंने कहा कि ये बना तो बेहतरीन है। लेकिन इस बेजोड़ नमूने को मैं स्वीकार नहीं कर सकता। इसमें कला तो है, लेकिन कलाकार नदारद है। हर कला को जीवंत उसे बनाने वाले कलाकार के हस्ताक्षर करते हैं, जो इसमें नहीं है। यह मुझे मंजूर नहीं है। तब उस युवा चित्रकार ने जो जवाब दिया, वो लाजवाब था। उन्होंने कहा कि यह मात्र कला नही बल्कि देश के लिए मेरा योगदान है । उसमे मेरा नाम आए, मैं यह जरूरी नहीं मानता। लेकिन उनके गुरु नहीं माने तो उन्होंने अपना नाम भी पृष्ठ के दायें निचले कोने में कुछ इस तरह चित्रित कर दिया कि डिजाईन में राम आ गया ।

बाइट- ब्यौहार डॉ अनुपम सिन्हा,ब्यौहार राम मनोहर सिन्हा के बेटे

वीओ – देश दुनिया के कम लोग इस इतिहास को जानते है कि संविधान के मुख्य पृष्ठ का अलंकरण जबलपुर के ब्यौहार राम मनोहर सिन्हा ने किया था। खास बात ये है कि जब तक ब्यौहार राम मनोहर जिंदा रहे तब तक उन्होने इस राज को राज ही रहने दिया। अब उनके बेटे डॉ अनूपम अपने पिता की इस विरासत और अकल्पनीय प्रतिभा को देश दुनिया के सामने लेकर आ रहे है।

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समानता का अधिकार और भारतीय संविधान https://www.theprapanch.com/right-to-equality-and-indian-constitution-2/ https://www.theprapanch.com/right-to-equality-and-indian-constitution-2/#respond Fri, 18 Oct 2024 20:01:34 +0000 https://www.theprapanch.com/?p=3943 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 से 18 तक समानता के अधिकारों की व्याख्या की गई है ,अनुच्छेद 14 के अनुसार राज्य किसी भी व्यक्ति को विधि के समक्ष क्षमता और विधि के समक्ष समान संरक्षण के वंचित नहीं करेगा अर्थात अनुच्छेद 14 में दो शब्दों की व्याख्या की गई है पहला विधि के समक्ष समता]]>

समानता का अधिकार और भारतीय संविधान
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 से 18 तक समानता के अधिकारों की व्याख्या की गई है ,अनुच्छेद 14 के अनुसार राज्य किसी भी व्यक्ति को विधि के समक्ष क्षमता और विधि के समक्ष समान संरक्षण के वंचित नहीं करेगा अर्थात अनुच्छेद 14 में दो शब्दों की व्याख्या की गई है पहला विधि के समक्ष समता
दूसरा विधि के समक्ष समान संरक्षण
अर्थात प्रत्येक व्यक्ति कानून की नजर में समान है और प्रत्येक व्यक्ति को कानून के अधीन समान संरक्षण प्राप्त है चाहे कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रस्थिति का हो , अनुच्छेद 15 स्पष्ट करता है कि राज्य किसी भी नागरिक से धर्म मूल वंश जाति लिंग और जन्म स्थान के आधार पर विभेद नहीं करेगा अनुच्छेद 16 में लोक नियोजन में अवसर की समानता के संबंध में व्याख्या की गई है अर्थात जो भी लोक नियोजन है उसमें प्रत्येक नागरिक को समान रूप से नियोजन प्राप्त करने का अधिकार हैं किंतु सांसद को यह अधिकार है कि वह पिछड़े वर्ग , अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को नौकरियों में आरक्षण से संबंधित नियम बन सकती है अनुच्छेद 17 में अस्पृश्यता का अंत से संबंधित प्रावधानों की व्याख्या की गई है भारत में एक लंबे समय से चली छुआछूत रूपी बीमारी का अंत इस अनुच्छेद के अन्तर्गत किया गया है यदि कोई भी व्यक्ति किसी भी व्यक्ति से छुआछूत से संबंधित कृत्य करेगा तो उसका कार्य दंडनीय अपराध माना जाएगा इसके संबंध में अस्पृश्यता निवारण अधिनियम और सिविल अधिकारों का संरक्षण अधिनियम भी पारित किए गए हैं जिसके अंतर्गत छुआछूत से संबंधित प्रत्येक कार्य को अपराध की श्रेणी में रखा गया है और दंडनीय माना गया है अनुच्छेद 18अंतर्गत उपाधियों के अंत से संबंधित प्रावधानों की व्याख्या की गई है राज्य ना तो किसी व्यक्ति को शिक्षा एवं सेवा की अतिरिक्त कोई उपाधि प्रदान करेगा और ना ही कोई व्यक्ति कोई उपाधि धारण करेगा संविधान लागू होने के पहले लोगों को अनेक उपाधियों से अलंकृत किया जाता था जैसे जमीदार लंबरदार आदि संविधान लागू होने के उपरांत इन सब उपाधियों का अंत हो गया अब सिर्फ शिक्षा और सेना से संबंधित उपाधियों से ही व्यक्ति को अलंकृत किया जाएगा अनुच्छेद 14 एवं अनुच्छेद 17 का संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति को प्राप्त है चाहे वह भारत का नागरिक हो चाहे भारत का नागरिक ना हो जबकि अनुच्छेद 15 16 एवं 18 का संरक्षण सिर्फ भारत के नागरिकों को प्राप्त है
डॉ राम प्रकाश चौबे

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सांसद आशीष दुबे गृह मंत्रालय की संसदीय समिति के सदस्य मनोनीत https://www.theprapanch.com/mp-ashish-dubey-nominated-as-member-of-parliamentary-committee-of-home-ministry/ https://www.theprapanch.com/mp-ashish-dubey-nominated-as-member-of-parliamentary-committee-of-home-ministry/#respond Sat, 28 Sep 2024 17:08:07 +0000 https://www.theprapanch.com/?p=3647 जबलपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद श्री आशीष दुबे को संसद की महत्वपूर्ण गृह मंत्रालय की संसदीय समिति(पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी) में सदस्य मनोनीत किया गया है।लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला द्वारा श्री आशीष दुबे को गृह मंत्रालय की संसदीय समिति में सदस्य नामित किया गया है।इस आशय की घोषणा गत दिवस की गई।]]>

गौरतलब है कि देश के भीतर के  राष्ट्रीय विषयों से जुड़े मामलों में गृह मंत्रालय की  स्थायी संसदीय समिति गृह मंत्रालय की देखरेख और मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करती है।समिति गृह मामलों,राष्ट्रीय सुरक्षा,आंतरिक सुरक्षा से संबंधित
विधेयकों पर अपनी महत्वपूर्ण राय देती है और गृह मंत्रालय व उससे संबद्ध विभागों की अनुदान माँगों की समीक्षा भी करती है।इसके अलावा समिति गृह मामलों से संबंधित सरकारी नीतियों और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन पर भी नज़र रखकर सरकार को महत्वपूर्ण सुझाव देती है।साथ ही गृह मंत्रालय की संसदीय समिति सार्वजनिक महत्व के मामलों की जाँच कर  संसद को रिपोर्ट प्रस्तुत करती है।गृह मंत्रालय की संसदीय समिति
राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और आंतरिक सुरक्षा सहित गृह मामलों से संबंधित विभिन्न मुद्दों की जांच में सक्रिय रूप से शामिल रहती है।  पूर्व की समिति ने कोविड के दौरान  प्रबंधन और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के कामकाज जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्ट  प्रस्तुत की है।
जबलपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद श्री आशीष दुबे का संसद की इस महत्वपूर्ण समिति में सदस्य नामित होना जबलपुर के लिए निश्चित ही गौरव का विषय है।सांसद श्री आशीष दुबे के संसद की महत्वपूर्ण गृह मंत्रालय की समिति में सदस्य मनोनीत किये जाने पर उपमुख्यमंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री श्री जगदीश देवड़ा,लोकनिर्माण मंत्री मंध्यप्रदेश शासन राकेश सिंह,राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मिकी,पर्यटन निगम के पूर्व अध्यक्ष,विनोद गोंटिया,प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन सीए,भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रभात साहू,ग्रामीण अध्यक्ष सुभाष तिवारी रानू,पूर्व सांसद जय श्री बैनर्जी,रविनंदन सिंह,पूर्व महापौर सुशीला सिंह,पूर्व जे डी ए अध्यक्ष अनिल शर्मा,महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू,पाटन विधायक अजय विश्नोई,केंट विधायक अशोक रोहाणी,पनागर विधायक सुशील तिवारी इंदु,उत्तर विधायक डॉ अभिलाष पांडे, बरगी विधायक नीरज सिंह,सिहोरा विधायक संतोष बरकड़े,निगम अध्यक्ष रिंकुज विज़ सहित जबलपुर संसदीय क्षेत्र के पार्टीजनों,कार्यकर्ताओं एवं भाजपा परिवारजनों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

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मंडल राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक सम्पन्न https://www.theprapanch.com/mandal-official-language-implementation-committee-meeting-concluded/ https://www.theprapanch.com/mandal-official-language-implementation-committee-meeting-concluded/#respond Wed, 26 Jun 2024 20:29:41 +0000 https://www.theprapanch.com/?p=1939 मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के सभाकक्ष में मंडल रेल प्रबंधक श्री विवेक शील की अध्यक्षता में मंडल राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 185वीं एवं 186वीं सँयुक्त बैठक में संपन्न हुई ।]]>

 

 

जबलपुर। मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के सभाकक्ष में मंडल रेल प्रबंधक श्री विवेक शील की अध्यक्षता में मंडल राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 185वीं एवं 186वीं सँयुक्त बैठक में संपन्न हुई ।
इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक (इंफ्रा) श्रीआनंद कुमार ने अपने स्वागत उदबोधन में अध्यक्ष महोदय/डीआरएम सहित सभी सदस्यों/प्रतिनिधियों का बैठक में हार्दिक स्वागत करते हुए बताया कि मान.मंडल रेल प्रबंधक महोदय के कुशल नेतृत्व में जबलपुर मंडल पर रेल परिचालन के साथ-साथ भारत सरकार की राजभाषा नीतियों का प्रभावी कार्यान्वयन उत्तरोत्तर प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठकों में निर्देश दिए गए हैं कि, सभी नाम/पदनाम/सूचना बोर्ड आदि द्विभाषी बनाए जाएं। धारा3(3) का शतप्रतिशत अनुपालन हो। हिंदी पत्रों के उत्तर अनिवार्य रूप से हिंदी में दें। अंग्रेजी पत्रों के उत्तर भी यथासंभव हिंदी में ही दें। अधिकाधिक डिक्टेशन हिंदी में दें। मंडल पर संचालित हिंदी पुस्तकालयों का सदुपयोग करें। अपनी निरीक्षण रिपोर्टों में राजभाषा प्रगति संबंधी टिप्पणी दें। बैठकों में राजभाषा प्रगति को एक मद के रूप में शामिल करें।

मंडल रेल प्रबंधक श्री विवेक शील ने अपने अध्यक्षीय उदबोधन में बताया कि हमारा मंडल राजभाषा प्रयोग प्रसार की दृष्टि से ‘क’ क्षेत्र में स्थित है, अधिकांश कर्मचारियों की मातृभाषा हिंदी ही है। वार्षिक कार्यक्रम में राजभाषा प्रयोग प्रसार का लक्ष्य शतप्रतिशत निर्धारित है। अतः सभी निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति में अपना योगदान दें। मंडल को राजभाषा प्रयोग प्रसार में उपलब्धि के लिए जबलपुर मंडल को रेलवे बोर्ड द्वारा आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी चल वैजयंती पुरस्कार व नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की राजभाषा ट्रॉफी प्राप्त हुई है। आशा है हम सभी सम्मिलित प्रयासों से राजभाषा के प्रयोग प्रसार को और ऊँचाई प्रदान करेंगे।
उक्त अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक महोदय ने *मंडल की गृह पत्रिका ‘प्रगति पथ’ के अंक-17 का विमोचन किया।
उक्त अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक के कर कमलों से अखिल रेल हिंदी प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों को नगद पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। जिसमें हिंदी टिप्पण आलेखन प्रतियोगिता में प्रथम-श्री प्रशांत वर्मा, द्वितीय कृष्ण कुमार उइके, तृतीय अभय कुमार कचेर, हिंदी निबन्ध प्रतियोगिता में प्रथम-श्री ऐश्वर्य जायसवाल, द्वितीय मंजीत कुमार झारिया, तृतीय संतोष कुमार चौधरी, हिंदी वाक प्रतियोगिता के प्रथम मयंक द्विवेदी, द्वितीय ऐश्वर्य जायसवाल तथा तृतीय विजय कुमार मिश्रा को सम्मानित किया गया।
उक्त बैठक का संचालन करते हुए समिति सचिव एवं राजभाषा अधिकारी डी.के.शुक्ला ने सचिव की रिपोर्ट का वाचन किया तथा सभी से राजभाषा प्रयोग प्रसार में अभिबृद्धि की अपील की।
इस कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक श्रीमती निर्मला गुप्ता, सीनियर डीसीएम श्री मधुर वर्मा, वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक श्री यशवंत कुमार, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (कोचिंग) श्री मनीष कुमार पटेल, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त श्री मोहम्मद मुनव्वर खान, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी श्री सुबोध विश्वकर्मा एवं अन्य अधिकारी, कर्मचारी भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम के अंत में राजभाषा अधिकारी व सहायक कार्मिक अधिकारी डी.के.शुक्ला द्वारा सभी का आभार प्रर्दशन व धन्यवाद ज्ञापन किया गया।

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पश्चिम विधानसभा के कार्यकर्ताओ एवं आमजनो की बैठक संपन्न https://www.theprapanch.com/meeting-of-workers-and-common-people-of-west-vidhansabha-concluded/ https://www.theprapanch.com/meeting-of-workers-and-common-people-of-west-vidhansabha-concluded/#respond Wed, 26 Jun 2024 20:22:08 +0000 https://www.theprapanch.com/?p=1935 लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह ने पश्चिम विधानसभा के जार्ज डिसिल्वा वार्ड, बनारसी दास भनोट वार्ड, शंकरशाह वार्ड, बाबूराव परांजपे वार्ड एवं ग्वारीघाट वार्ड में बैठक करते हुए क्षेत्र की समस्याओं को सुना एवं कार्यकर्ताओ से संवाद किया।]]>

 

 

जबलपुर। प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री एवं पश्चिम क्षेत्र के विधायक श्री राकेश सिंह ने पश्चिम विधानसभा के नर्मदा मंडल अंतर्गत 5 वार्डो की बैठक ली। मंत्री श्री सिंह ने वार्ड बैठक में कार्यकर्ताओ के सुझाव और जनता की समस्याओं को सुना और उनके निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर निर्देशित किया।

लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह ने पश्चिम विधानसभा के जार्ज डिसिल्वा वार्ड, बनारसी दास भनोट वार्ड, शंकरशाह वार्ड, बाबूराव परांजपे वार्ड एवं ग्वारीघाट वार्ड में बैठक करते हुए क्षेत्र की समस्याओं को सुना एवं कार्यकर्ताओ से संवाद किया।

श्री सिंह ने बैठक के दौरान कहा प्रदेश के साथ केंद्र में भी हमारी पूर्ण बहुमत की सरकार है और जैसा की देश में प्रधानंमत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार जनकल्याण हेतु प्रतिबद्ध है। आपने पश्चिम क्षेत्र से मुझे चुनकर विधानसभा भेजा है और जो आशा और विश्वास आपने मुझ पर व्यक्त किया था उसे पूरा करने के लिए मैं आपके बीच हमेशा से हूं। आपके क्षेत्र की जो भी समस्या हो एक कार्यकर्त्ता होने के नाते आपका दायित्व है कि उसे मुझ तक पहुंचाए और उसके निराकरण के लिए मैं आपके साथ खड़ा हूं।

श्री सिंह ने सभी कार्यकर्ताओ को लोकसभा चुनाव में पश्चिम क्षेत्र से मिली जीत की शुभकामनाएं देते हुए कहा कार्यकर्ता की ताकत से ही हमे जीत मिलती है।

श्री सिंह ने बताया पश्चिम विधानसभा के प्रत्येक वार्ड में इस तरह की बैठक आयोजित होगी जिसमे कार्यकर्ताओ से संवाद किया जाएगा।

इस अवसर पर राममूर्ति मिश्रा, महामंत्री पंकज दुबे, रजनीश यादव,मंडल अध्यक्ष कौशल सूरी, अभय सिंह ठाकुर, अंजू भार्गव, रूपा राव,लक्ष्मी जय चक्रवर्ती, मालती चौधरी, शारदा कुशवाहा, काके आंनद, पूनम प्रसाद, मनीष दुबे, रामानुज तिवारी, अखिलेश तिवारी, सुनील शर्मा, दीपक यादव आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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