court notice – The Prapanch https://www.theprapanch.com India's Top News Portal Fri, 18 Oct 2024 19:56:21 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.7.2 https://www.theprapanch.com/wp-content/uploads/2024/04/cropped-Screenshot_9-32x32.jpg court notice – The Prapanch https://www.theprapanch.com 32 32 किस नियम के तहत जारी किया नोटिफिकेशन: हाईकोर्ट https://www.theprapanch.com/notification-issued-under-which-rule-high-court/ https://www.theprapanch.com/notification-issued-under-which-rule-high-court/#respond Fri, 18 Oct 2024 19:56:21 +0000 https://www.theprapanch.com/?p=3939 मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से पूछा है कि आखिर किस नियम के तहत बीना में अंडा- मीट की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया था।]]>

किस नियम के तहत जारी किया नोटिफिकेशन:
हाईकोर्ट

गणेश उत्सव में अंडा-मीट विक्रय पर बैन का मामला,सीएस-डीएम-सीएमओ को नोटिस

जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से पूछा है कि आखिर किस नियम के तहत बीना में अंडा- मीट की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया था। हाईकोर्ट ने मामले पर मुख्य सचिव, सागर कलेक्टर और सीएमओ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस मामले पर अगली सुनवाई अब 22 अक्टूबर को होगी।बीना के एक व्यापारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए बताया कि गणेश उत्सव के दौरान करीब 12 से 15 दिनों तक अंडे- मीट के बिक्री पर बैन लगा दिया गया था, जिसके चलते व्यापार प्रभावित हुआ। याचिकाकर्ता ने जब बीना के सीएमओ से नियम पूछा तो कोई जवाब नहीं दिया। लिहाजा मामले ने तूल पकड़ा और अब हाईकोर्ट तक पहुंच गया है।
-नोटिस जारी कर जवाब तलब
जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश के बीना में गणेश उत्सव के दौरान अंडे- मीट की बिक्री पर बैन लगा दिया गया था, जिसके चलते एक व्यापारी वीरेन्द्र अजमानी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। मामले पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने प्रदेश के मुख्य सचिव, सागर कलेक्टर और चीफ म्युनिसिपल ऑफिसर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की बेंच ने मामले पर सुनवाई की। बता दें कि बीना के चीफ म्युनिसिपल अधिकारी ने 7 सितंबर को एक नोटिफिकेशन जारी किया। नोटिफिकेशन में कहा गया कि गणेश उत्सव के दौरान अंडे-मीट को बेचा नहीं जाएगा, साथ ही यह भी कहा गया कि जो भी इस नियम का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बीना सीएमओ के इस आदेश के बाद अंडा और मीट की दुकान बंद रखी गई। याचिकाकर्ता ने बताया कि नगर निगम के नोटिफिकेशन में यह नहीं लिखा है कि किस नियम के तहत यह प्रतिबंध लगाया जा रहा है। याचिका में यह भी कहा गया कि इस तरह का फरमान जारी करना और कहना है कि पालन नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी, यह मूलभूत अधिकारों का हनन है।

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कटनी जिला अस्पताल सिविल सर्जन यशवंत वर्मा की नियुक्ति फर्जी! हाई कोर्ट ने जारी किया नोटिस https://www.theprapanch.com/appointment-of-civil-surgeon-yashwant-verma-of-katni-district-hospital-is-fake-high-court-issues-notice/ https://www.theprapanch.com/appointment-of-civil-surgeon-yashwant-verma-of-katni-district-hospital-is-fake-high-court-issues-notice/#respond Wed, 07 Aug 2024 17:36:52 +0000 https://www.theprapanch.com/?p=2684 कटनी जिला अस्पताल सिविल सर्जन के ऊपर लटकी तलवार! हाई कोर्ट ने मांगा जवाब! कटनी जिला अस्पताल सिविल सर्जन यशवंत वर्मा की नियुक्ति फर्जी! हाई कोर्ट ने नोटिस जारी कर जिला अस्पताल, कलेक्टर एवं शासन सहित आठ लोगों से मांगा जवाब!]]>

कटनी जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ यशवंत शर्मा की नियुक्ति पर हाई कोर्ट की तलवार लटक रही है। हाल ही में याचिकाकर्ता की ओर से उपस्थित हाई कोर्ट उच्च न्यायालय जबलपुर के अधिवक्ता दिनेश सिंह चौहान ने बताया कि माननीय कोर्ट ने यहपाया की कलेक्टर के आदेश के द्वारा डॉक्टर यशवंत वर्मा की नियुक्ति सिविल सर्जन जिला अस्पताल कटनी के पद पर की गई। वहएक नियुक्ति का आदेश नहीं बल्कि एसपी कार्यालय की ओर गया हुआ एक आदेश था। याचिका कर्ता की ओर से अधिवक्ता नेमाननीय कोर्ट को बताया की डॉक्टर यशवंत वर्मा की नियुक्ति जिला अस्पताल कटनी सिविल सर्जन के तौर पर फर्जी है। याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट में दावा किया कि आरटीआई की जानकारी के अनुसार अपर कलेक्टर का आदेश माननीय हाईकोर्ट मेंदिखाया गया जिसमें साफ लिखा है कि जिस आदेश क्रमांक के द्वारा डॉक्टर यशवंत वर्मा की नियुक्ति की गई है वह नियुक्ति आदेशथा ही नहीं, बल्कि एसपी कार्यालय की और जावक पत्र था। चार हफ्ते के अंदर कोर्ट में जवाब पेश करने के लिए समय दिया गयाहै। डॉक्टर यशवंत वर्मा को और साथ ही साथ कलेक्टर कटनी, इसके अलावा मध्य प्रदेश सरकार का संबंधित विभाग। इसमें मुख्यभूमिका कलेक्टर कार्यालय एवं डॉ यशवंत वर्मा की मिली भगत साफ जाहिर हो रही है। अगर उचित जवाब डॉक्टर यशवंत वर्मा केद्वारा प्रस्तुत नहीं किया गया तो उन्हें बड़ी कानूनी कार्रवाई झेलनी पड़ सकती है। साथ ही साथ कलेक्टर कार्यालय भी हाई कोर्ट के घेरेमें है।

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