farmers – The Prapanch https://www.theprapanch.com India's Top News Portal Thu, 06 Feb 2025 04:54:07 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.7.2 https://www.theprapanch.com/wp-content/uploads/2024/04/cropped-Screenshot_9-32x32.jpg farmers – The Prapanch https://www.theprapanch.com 32 32 अन्नदाता अधिकार रैली व वल्लभ भवन का घेराव करने महाकौशल प्रांत से पहुंचे सैकड़ों किसान। https://www.theprapanch.com/hundreds-of-farmers-from-mahakaushal-province-reached-the-annadata-adhikari-rally-and-to-surround-vallabh-bhawan/ https://www.theprapanch.com/hundreds-of-farmers-from-mahakaushal-province-reached-the-annadata-adhikari-rally-and-to-surround-vallabh-bhawan/#respond Thu, 06 Feb 2025 04:54:07 +0000 https://www.theprapanch.com/?p=5684 किसानों के सामने झुकी प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर ज्ञापन लेने किसानों के बीच पहुंचे उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा]]>

अन्नदाता अधिकार रैली व वल्लभ भवन का घेराव करने महाकौशल प्रांत से पहुंचे सैकड़ों किसान।

किसानों के सामने झुकी प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर ज्ञापन लेने किसानों के बीच पहुंचे उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा

खेती व किसानों की योजनाओं के क्रियान्वयन में ध्यान देगी सरकार- जगदीश देवड़ा

पटवारी प्रदेश के राजा बन बैठे हैं- राघवेन्द्र पटेल

ज्ञापन में सौंपी समस्याओं व मांगो पर कार्य करने का श्री देवड़ा ने दिया आश्वासन

जबलपुर 5 फरवरी- ‘‘सस्ती बिजली, खाद और पानी, मांग रही है आज किसान‘‘ और ‘‘हम अपना अधिकार मांगते नहीं किसी से भीख मांगते‘‘ के नारों का उद्घोष करते प्रदेश के हजारों किसान राजधानी भोपाल पंहुचे और अपनी मांगों व समस्याओं का ज्ञापन प्रदेश सरकार के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को सौंपा। किसानों की समस्याओं व मांगों को धैर्यपूर्वक सुनकर किसानों को संबोधित करते हुये उपमुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव किसानों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने निर्देश दिया कि किसानों को वल्लभ आने की आवश्यकता
नहीं है, वल्लभ भवन को चलाने वाली सरकार ही किसानों के बीच जायेगी। श्री देवड़ा ने आगे कहा कि खेती व किसानों की योजनाओं के क्रियान्वयन में जो प्रशासनिक कमी है। सरकार समीक्षा कर उस कमी को दूर करेगी। इसके साथ ही ज्ञापन में जो समस्यायें व मांगे किसानों ने रखी है। उस पर सरकार काम करते हुये उन्हें दूर करने का प्रयास भी करेगी।

किसानों ने समस्याओं का थैला सौंपा

भारतीय किसान संघ ने किसानों से अपनी राजस्व व अन्य समस्याओं को प्रमाण के साथ लाने कहा था। प्रदेश भर से आये किसानों की समस्याओं का थैला मंच पर ही ज्ञापन के साथ उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को सौंपा। जिस पर उन्होंने कार्यवाही करने की बात कही।

प्रशासन व सरकार पर जमकर बरसे किसान

प्रदेशभर से आये किसानों का आक्रोश उनके भाषड़ों में देखने मिला। किसान राजस्व, सिंचाई, खाद, बीज, बिजली, पशुपालन, न्यूनतम समर्थन मूल्य, मंडी सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रशासन व सरकार से नाराज दिखा और प्रशासन व सरकार को खरी खोटी सुनाते हुये जमकर भड़ास निकाली।

ये रहे शामिल

भारतीय किसान संघ के अन्नदाता अधिकार रैली व वल्लभ भवन घेराव कार्यक्रम में किसान संघ के अखिल भारतीय कार्यकारी अध्यक्ष रामभरोस वासोतिया, अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख राघवेंद्र सिंह पटेल, क्षेत्र संगठन मंत्री महेश चौधरी, प्रांत संगठन मंत्री मनीष शर्मा, प्रांत अध्यक्ष सर्वज्ञ दीवान ने संबोधित किया। इस के साथ ही प्रांत महामंत्री शिवनंदन रघुवंशी, पवन शर्मा, प्रांत प्रचार प्रमुख राहुल धूत, प्रदेश महामंत्री चंद्रकांत गौर, नमोनारायण दीक्षित, कैलाश ठाकुर, जगराम यादव सहित प्रदेश भर से आये जिलों के अध्यक्ष, प्रांत, प्रदेश पदाधिकारियों सहित हजारों की तादाद में प्रदेश भर से आये किसानों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। मंच संचालन प्रांत कोषाध्यक्ष सतीश तिवारी ने किया।

पटवारी प्रदेश के राजा बन बैठे हैं- राघवेन्द्र पटेल
अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख राघवेन्द्र सिंह पटेल ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में पटवारी राजा बन गए हैं उन्हें किसी का भय नहीं है। जिलों में प्रशासनिक व्यवस्था में व्याप्त भृष्टाचार से किसान परेशान हो गया है। समस्याओं व मांगों के अनेक ज्ञापन देने के बावजूद भी कहीं कोई सुनवाई नहीं है। इसलिये मजबूरीवश किसानों को सरकार व प्रशासन से सीधा संवाद करने राजधानी भोपाल की सड़कों पर आकर अन्नदाता अधिकार रैली व वल्लभ भवन का घेराव कर प्रदर्शन करना पड़ रहा है। किसान पटवारी से लेकर जिला प्रशासन सन तक की प्रशासनिक कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं है।

ये हैं प्रदर्शन कर रहे किसानों की प्रमुख मांगे

1. फौती नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, बटांकन, ऑनलाइन रिकॉर्ड व नक्शा सुधारा जाए।
2. हॉर्स पावर क्षमता वृद्धि वापिस ली जाये, जले ट्रांसफार्मर व लाइनें समय सीमा में बदली जाए।
3. डीएपी, यूरिया खाद सहकारिता के माध्यम से नगद वितरण समय पर किया जाए।
4. सभी मंडियों में फ्लेट कांटो से तुलाई अनिवार्य की जाए। मंडी परिसर में ही भुगतान हो।
5. नकली दूध बनाने वालो पर सख्त कार्रवाई हो, गौ अभयारण्य खोले जाएं।
6. प्रस्तावित व स्वीकृत नहरों के कार्य शीघ्र पूर्ण किए जाएं।
7. सभी फसलों को एमएसपी से नीचे नहीं खरीदा जाए।
8. किसानों के झूठे प्रकरण वापिस हों।
9. पूसा बासमती धान को जीआई टैग दिलाया जाए।
10. धान 3100 रुपए व गेहूं 2700 रुपए प्रति क्विंटल खरीदा जाए।

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प्रशासनिक अराजकता की भेंट चढ़ी धान खरीदी- भारतीय किसान संघ https://www.theprapanch.com/paddy-purchase-met-with-administrative-chaos-indian-farmers-union/ https://www.theprapanch.com/paddy-purchase-met-with-administrative-chaos-indian-farmers-union/#respond Sun, 29 Dec 2024 08:39:14 +0000 https://www.theprapanch.com/?p=5200 बेमौसम बारिश से फसलों को भारी नुकसान, भारतीय किसान संघ ने सरकार से सर्वे कर किसानों को मुआवजा देने की रखी मांग।]]>

प्रशासनिक अराजकता की भेंट चढ़ी धान खरीदी- भारतीय किसान संघ
खुले में रखा लाखों क्विंटल धान पानी में भीगा।
बेमौसम बारिश से फसलों को भारी नुकसान, भारतीय किसान संघ ने सरकार से सर्वे कर किसानों को मुआवजा देने की रखी मांग।

जबलपुर 28 दिसंबर। बेमौसम बारिश के कारण धान खरीदी केंद्रों में खुले में पड़ी लाखों क्विंटल धान बर्बादी की कगार पर है। कई खरीदी केन्द्रों में दो दो फीट तक पानी भर गया है। धान को पानी से बचाने के लिए जो इंतजाम किए गए वो नाकाफी साबित हो रहे हैं। भारतीय किसान संघ ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जबलपुर जिले में धान खरीदी प्रशासनिक अराजकता की भेंट चढ़ रही है। किसान संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख राघवेन्द्र सिंह पटेल ने कहा कि मौसम विभाग के द्वारा जब एक सप्ताह पूर्व 28 दिसंबर को भारी बारिश का अलर्ट दिया था, जिसे किसान संघ ने भी प्रशासन को अवगत कराया था तो समय रहते धान खरीदी केंद्रों पर प्रशासन के द्वारा क्यों पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। श्री पटेल ने कहा कि प्रशासन से बार बार मांग करने पर भी केंद्रों से धान का उठाव व परिवहन नहीं किया गया। जो गंभीर प्रशासनिक अराजकता की श्रेणी में आता है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मांग की कि इस मामले में जिम्मेदारी तय कर कार्यवाही होनी चाहिए।

खरीद समितियों का नान से अनुबंध नहीं
भारतीय किसान संघ का कहना है कि धान खरीद कर रही समितियों का नागरिक आपूर्ति निगम से अनुबंध नहीं किया गया और समितियों के माध्यम से खरीदी प्रारंभ कर दी गई। जब बारिश से धान खराब हो जाएगी तो बिना अनुबंध किसकी जिम्मेदारी होगी। किसानों ने अपने लाखों रुपए की मेहनत की कमाई खरीदी केंद्रों में लाकर विक्रय के लिए रख दी है। तुलाई उपरांत यदि किसान को इस घोर लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ा तो भारतीय किसान संघ किसानो के समर्थन में सड़कों पर होगा।

उठाव व परिवहन में बरती गंभीर लापरवाही
किसान संघ ने कहा कि प्रशासन ने धान उठाव व परिवहन में गंभीर लापरवाही बरती है। जब उपार्जन नीति में नए प्रावधानों के तहत धान को सीधे मिलर्स को देना थी तो इस दिशा में व्यवस्था बनाने में कोताही क्यों की गई। जब मिलर्स के पास केंद्रों से धान परिवहन की सुविधा नहीं थी तो समय रहते परिवहन का टेंडर क्यों नहीं निकाला गया। यह गंभीर लापरवाही है, इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही होना चाहिए।

तत्काल सर्वे कर मुआवजा देने की मांग
किसान संघ के जिला मंत्री धनंजय पटेल ने बताया कि बेमौसम बारिश के कारण किसानों की चना, मटर, मसूर की फसलों में भारी नुकसान हुआ है। गेहूं के खेतों में भी गेहूं 6 इंच तक डूब गए हैं जिससे गेहूं की फसल के भी खराब होने की संभावना बढ़ गई है। जिला मंत्री श्री पटेल ने मांग की कि सरकार बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कर उचित मुआवजा किसानों को प्रदान करे।

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ग्राम जमुनिया में किसान संगोष्ठी का आयोजन https://www.theprapanch.com/farmers-seminar-organized-in-village-jamunia/ https://www.theprapanch.com/farmers-seminar-organized-in-village-jamunia/#respond Fri, 20 Dec 2024 05:43:01 +0000 https://www.theprapanch.com/?p=4968 ग्राम जमुनिया में किसान संगोष्ठी का आयोजन
किसानों को दी गई जैविक खेती की जानकारी
पाटन।केंद्र एवं राज्य सरकार के द्वारा चलाए जा रहे जैविक खेती अभियान के अंतर्गत शिवशक्ति संस्था के द्वारा ग्राम जमुनिया तहसील पाटन जिला जबलपुर में किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमे मुख्य रूप से ग्राम के श्री आशीष गोटिया, मनोज पटेल शिवम पटेल सहित समस्त ग्रामवासी उपस्थित रहे। संगोष्ठी में किसानों को संबोधित करते हुए संस्था के वरिष्ठ कृषि अधिकारी विनोद द्विवेदी एवं शैलेन्द्र सिंह यादव ब्रांच मैनेजर के द्वारा किसानों को बताया की रासायनिक खादो एवं दवाइयां डालने से भूमि की उर्वरक शक्ति धीरे-धीरे नष्ट होती जा रही है एक दिन ऐसा आएगा कि सारी भूमि बंजर हो जाएगी। भूमि सुरक्षित रखने के लिए किसानों को जैविक खाद डालने के लिए प्रेरित किया।भूमि पर पाए जाने वाले लाभदायक मित्र कीट भी रासायनिक खाद्य व दवाइयां डालने से नष्ट होते जा रहे हैं और मानव शरीर में बहुत सी बीमारियां भी पैदा हो रही हैं। किसानों को ज्यादा से ज्यादा जैविक खाद डालने के लिए बल दिया और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए महोगनी के पौधे भी लगाए। जिससे आने वाले समय में किसान भाई अधिक लाभ भी कमा सकते हैं इस मौके पर जमुनिया के राजेंद्र सिंह रोहित रावत, हितेश यादव, आशीष गोटिया, मनोज पटेल चयन सिंह यादव दुर्गेश पटेल शिवम पटेल सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे है |

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किसानों को नहीं मिल रही पसीने की कीमत https://www.theprapanch.com/farmers-are-not-getting-the-price-of-their-sweat/ https://www.theprapanch.com/farmers-are-not-getting-the-price-of-their-sweat/#respond Tue, 03 Sep 2024 18:36:18 +0000 https://www.theprapanch.com/?p=3087 किसानों ने जहां कृषि नीतियों की समीक्षा की तो वहीं किसानों की वैयक्तिक स्थिति पर भी गजन विमर्श किया]]>

 

 

जबलपुर,भारतीय किसान संघ महाकोशल प्रांत के प्रांतीय सम्मेलन में आज 24 जिलों के किसान शामिल हुए। किसानों ने जहां कृषि नीतियों की समीक्षा की तो वहीं किसानों की वैयक्तिक स्थिति पर भी गजन विमर्श किया। इस सम्मेलन में आम खास किसानों के साथ ही पद्म पुरस्कार से सम्मानित अर्जुन धुर्वे व श्रीअन की ब्रांड एंबेस्डर लहरी बाई जैसी हस्तियां शामिल हुई। आयोजन को लेकर संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख राघवेन्द्र सिंह पटेल सिंह पटेल ने बताया कि प्रति तीन वर्ष के बाद भारतीय किसान संघ का सम्मेलन शहर में हुआ। उ‌द्घाटन सत्र में किसानों के हित और हक की बातों

के साथ ही जिला इकाई के गठन पर चर्चा हुई। इसके बाद गावों में सदस्यता के बाद लोकतान्त्रिक प्रक्रिया से ग्राम समिति, तहसील व जिला इकाई के स्वरूप पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि अधिवेशन में डिंडोरी के लोक कलाकार पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित अर्जुन धुर्वे व श्री अन्न की ब्रांड एंबेसडर लहरी

बाई का आना गौरव की बात है। पटेल ने बताया कि प्रति तीन • वर्ष के बाद भारतीय किसान संघ की नई सदस्यता की जाती है। जिसके बाद गायों में सदस्यता के बाद लोकतान्त्रिक प्रक्रिया से ग्राम समिति, तहसील व जिला इकाई का गठन किया जाता है। उसके बाद प्रांत अधिवेशन का आयोजन कर प्रांत कार्यकारिणी का निर्वाचन

संपन्न होता है। इसी कड़ी में महाकौशल प्रांत का अधिवेशन मानस भवन मानस भवन में हुआ। आयोजन की तैयारियों कई दिनों से जारी थीं। संघ के जिला अध्यक्ष रामदास पटेल ने बताया कि प्रांत कार्यकारिणी के निर्वाचन उपरांत शोभायात्रा का आयोजन होगा। जो मानस भवन, तीन पत्ती, मालवीय चौक, करमचंद चौक, ओमती, घंटाघर, कलेक्टर कार्यालय से होते हुए शहीद रघुनाथ शाह शंकर शाह की समाधि पर पुष्पांजलि के साथ समाप्त होगी। इस आयोजन में शहर-ग्राम एक हो गए। दो दर्जन जिलों से आए किसान प्रतिनिधियों की एक ही मांग थी, कि सरकार किसानों के हित पर कार्य करे। शोभयात्रा में किसान पारंपरिक स्वरूप में भी नजर आए, जो आकर्षण का केंद्र थे

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मूंग उड़द खरीदी को लेकर भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसानों ने भरी हुंकार https://www.theprapanch.com/farmers-under-the-leadership-of-bharatiya-kisan-sangh-raised-their-voice-regarding-the-purchase-of-moong-and-urad/ https://www.theprapanch.com/farmers-under-the-leadership-of-bharatiya-kisan-sangh-raised-their-voice-regarding-the-purchase-of-moong-and-urad/#respond Wed, 10 Jul 2024 04:50:17 +0000 https://www.theprapanch.com/?p=2206 न्यूनतम समर्थन मूल्य पर होने वाली खरीद बंद करना चाहती है सरकार]]>

जबलपुर – ग्रीष्मकालीन मूंग उड़द खरीदी को लेकर बनी उपार्जन नीति में संशोधन की मांग को लेकर जिले के किसानों ने भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन घंटाघर के पास कलेक्टर को सौंपा। मक्के को बोनी व धान का रोपा लगने के व्यस्ततम समय के बाद भी सैकड़ों किसानों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर अपनी हुंकार भरी। भारतीय किसान संघ के प्रांत महामंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बताया कि मूंग उड़द खरीदी को लेकर बनी उपार्जन नीति में पिछले वर्ष 2023 की तुलना में इस वर्ष 2024 में जो बदलाव किये गये हैं। इससे सरकार की मंशा लगती है कि किसानों को इतना परेशान किया जाये कि वह खुले बाजार में ही कम दाम पर अपनी उपज को बेंचे और सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर होने वाली धान, गेंहू व मूंग उड़द की खरीद को बंद कर दे। श्री पटैल ने आगे कहा कि प्रदेश सरकार उपार्जन नीति में बदलाव कर किसानों को व्यापारियों के हाथों में लुटवाना चाहती है। यह अब किसान को स्पष्ट होने लगा है।

फर्जी एफपीओ को आवंटित खरीदी केंद्र निरस्त हो
भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख राघवेंद्र सिंह पटेल ने कृषि विभाग के अधिकारियों पर भृष्टाचार व मिलीभगत का आरोप लगाते हुये कहा कि फर्जी एफपीओ को मूंग खरीदी के लिये कूटरचित दस्तावेज के आधार पर केंद्र बनाया गया है। जिसमें शामिल लोग किसान की बजाय व्यापारी हैं। इस प्रकरण की शिकायत श्री पटेल ने मुख्यमंत्री, केंद्रीय कृषि मंत्री, आयुक्त, कलेक्टर व आयकर विभाग को की है। मुख्यमंत्री कार्यालय से श्री पटैल को प्राप्त ई मेल में मुख्यमंत्री ने शिकायत को कृषि विभाग में जांच व कार्यवाही के लिये भेज दिया है। श्री पटैल ने कहा कि उपार्जन कार्य से जुड़े विभागों में लंबे समय से पदस्थ अधिकारी व कर्मचारी भी भृष्टाचार के गोरखधंधे में शामिल हैं। उन्होंने फर्जी एफपीओ के डारेक्टर की जांच कर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग भी की।

ये हैं किसानों की मांगे
किसानों के द्वारा सौंपे गये ज्ञापन के बारे में जानकारी देते हुये जिलाध्यक्ष मोहन तिवारी ने बताया कि 2023 की उपार्जन नीति में प्रति हैक्टेयर 16 क्विंटल मूंग खरीदी गई थी, जिसे कम करके प्रति हैक्टेयर 8 क्विंटल किया गया है। इसे पुनः 16 क्विंटल करने की मांग रखी है। प्रतिदिन प्रति किसान 40 क्विंटल खरीदी सीमा रखी जाये। धर्मकांटा से तौल कराने की मांग, फर्जी एफपीओ केंद्र निरस्त करने के साथ देरी से शुरू हुई मूंग खरीदी की अंतिम तिथि भी बढ़ाने की मांग ज्ञापन में शामिल है।

भारतीय किसान संघ के किसान प्रदर्शन में अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख राघवेंद्र सिंह पटैल, प्रदेश उपाध्यक्ष ओमनारायण पचौरी, प्रांत महामंत्री प्रहलाद सिंह पटैल, पुखराज सिंह चंदेल, जिलाध्यक्ष मोहन तिवारी, जिला मंत्री रामदास पटैल, उपाध्यक्ष सुनील पटेल, पाटन तहसील मंत्री रीतेश पटैल, शहपुरा तहसील अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह, मंत्री धरम पटेल, उपाध्यक्ष दामोदर पटेल, गणेश तिवारी, पनागर तहसील अध्यक्ष जितेंद्र पटैल, सहमंत्री नरेश मिश्रा, विनय पटेल, देवीदीन सेन, जागेष्वर काछी, भोलाराम पटैल, अमित पटैल, मलखान सिंह राजपूत, अतुल पटैल, मंझोली तहसील अध्यक्ष वीरेंद्र साहू, सुरेश पटैल, राजेश पटेल मनू त्रिपाठी, गोवर्धन पटेल, तीरथ पटेल, संदीप अवस्थी, बाला पटेल सहित सातों तहसीलों के किसानों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

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नई उपार्जन नीति से किसान आंदोलित https://www.theprapanch.com/farmers-are-agitated-by-the-new-procurement-policy/ https://www.theprapanch.com/farmers-are-agitated-by-the-new-procurement-policy/#respond Tue, 09 Jul 2024 17:34:29 +0000 https://www.theprapanch.com/?p=2200 इन मांगों को पूरी कराने आंदोलित हैं किसान]]>

 

घंटाघर में एकत्रित किसानों ने बुलंद की मांग, प्रति हेक्टेयर 16 क्विंटल मूंग-उड़द खरीदे सरकार

इन मांगों को पूरी कराने आंदोलित हैं किसान
2023 की उपार्जन नीति में प्रति हेक्टेयर 16 क्विंटल मूंग खरीदी गई थी। इसे 2024 में प्रति हेक्टेयर घटाकर 8 क्विंटल कर दिया गया है। इसे किसान प्रति हेक्टेयर 16 क्विंटल करने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रतिदिन प्रति किसान 40 क्विंटल खरीदी सीमा को 25 क्विंटल कर दिया है। किसानों का कहना है कि इसे 40 क्विंटल ही रखा जाये। धर्मकांटा से तौल कराने की मांग के साथ विलंब से शुरू हुई मूंग खरीदी के कारण अंतिम तिथि भी बढ़ाने की मांग किसानों द्वारा सरकार से की जा रही है।
यह किसान कर रहे प्रदर्शन
मुख्यमंत्री के नाम कलेक्ट्रेट को ज्ञापन
जबलपुर,ग्रीष्मकालीन मूंग-उड़द की खरीदी के लिए राज्य सरकार द्वारा बनाई गई उपार्जन नीति का विरोध कर रहे किसान आज सड़क पर उतर आए। भारतीय किसान संघ के बैनर तले विरोध-प्रदर्शन कर रहे किसानों की मांग है कि सरकार प्रति हेक्टेयर 16 क्विंटल मूंग की रीिदी करे। किसानों का आरोप है कि नई उपार्जन नीति किसान व कृषि हित में कतई नहीं कहा जा सकता है। भारतीय किसान संघ के प्रांतीय महामंत्री प्रहलाद सिंह पटैल ने
कहा कि, प्रदेश सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए हम आज मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंप रहे हैं। उधर किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए शासन-प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम कर रखे हैं। इधर भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख राघवेंद्र सिंह पटैल, प्रदेश उपाध्यक्ष ओमनारायण पचौरी, प्रांत संगठन मंत्री भरत पटेल, प्रांत महामंत्री प्रहलाद सिंह पटैल, प्रांत कार्यालय मंत्री आलोक पटैल, पुखराज सिंह चंदेल आदि किसान घंटाघर पहुंच कलेक्टर की ओर प्रस्थान कर रहे हैं।
प्रदर्शन करने वालों में नंदकिशोर परोहा, जिलाध्यक्ष मोहन तिवारी, जिला मंत्री रामदास पटैल, जिला सह मंत्री धनंजय पटैल, उपाध्यक्ष सुनील पटेल, पाटन तहसील अध्यक्ष मुकुल पचौरी, मंत्री रीतेश पटैल, शहपुरा तहसील अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह, मंत्री धरम पटेल, पनागर तहसील अध्यक्ष जितेंद्र पटैल, सहमंत्री नरेश मिश्रा, विनय पटेल, देवीदीन सेन, जागेशवर काछी, भोलाराम पटैल, अमित पटैल, मनीष पटैल, मलखान सिंह राजपूत, अतुल पटैल, रामकृष्ण सोनी, मझौली तहसील अध्यक्ष वीरेंद्र साहू, अटल पटेल, जिला प्रचार प्रमुख भरत पटैल, सुरेश पटैल, रीतेश पचौरी, प्रेमचंद कुर्मी, हेमंत पटैल टिपरा आदि बड़ी संख्या में किसान शामिल हैं।

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