समरसता सेवा संगठन के कजलियां महोत्सव ने रचा इतिहास
बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों, महिलाओं युवाओं की भी रही भागीदारी समरसता भारतीय संस्कृति की आत्मा है। समरसता के बगैर भारतीय समाज निष्प्राण है। समरसता सेवा संगठन ने आज समाज में समरसता के प्राण फूंके हैं।